उपभोक्ताओं को ठगे जाने से बचाने के लिए एजेंसी संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी
कोलार स्थित इंडेन गैस एजेंसी में दूसरी बार सिलिंडरों से गैस चोरी पकड़ी गई, 98 सिलेंडर जब्त
भोपाल में घरेलू गैस उपभोक्ताओं के साथ धोखाधड़ी का एक नया मामला सामने आया है। कोलार स्थित इंडेन गैस एजेंसी में सिलिंडरों से गैस चोरी का खुलासा दूसरी बार हुआ है। बुधवार को की गई जांच के दौरान एजेंसी के सात सिलिंडरों में ढाई से तीन किलो तक गैस कम पाई गई, जिससे उपभोक्ताओं को पूरा पैसा चुकाने के बावजूद कम गैस वाला सिलिंडर मिलने का खतरा था। इससे पहले भी इसी एजेंसी में सिलिंडरों में कम गैस मिलने की शिकायतें सामने आ चुकी थीं। चिंताजनक बात यह है कि सिलिंडरों से गैस निकालने के बाद उनकी सील को इस तरह से दोबारा लगाया जाता था कि किसी को शक तक नहीं होता था। यह चोरी इतनी सफाई से की जाती थी कि बाहर से देखने पर सिलिंडर पूरी तरह सीलपैक नजर आते थे। जिला आपूर्ति नियंत्रक चंद्रभान सिंह जादौन ने बताया कि मंगलवार को कोलार इंडेन गैस एजेंसी के वाहन में रखे सिलिंडरों से गैस निकालकर दूसरे सिलिंडरों में भरने का मामला पकड़ा गया था। जांच के दौरान सात सिलिंडरों में गैस की मात्रा निर्धारित मानक से काफी कम पाई गई। इस पर विभागीय टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 98 सिलेंडर जब्त किए। इस पूरे मामले को कलेक्टर कोर्ट में पेश कर दिया गया है। एजेंसी संचालक दीपा गाड़ी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जा रही है। जांच में यह भी सामने आया कि कर्मचारी बांसुरी की मदद से सीलपैक सिलिंडरों से गैस निकालकर खाली सिलिंडरों में भरता था। इसके बाद वह सील को उसी तरह दोबारा लगा देता था। इस तकनीक से सिलिंडर बाहर से सामान्य दिखते थे, लेकिन उनमें गैस की मात्रा काफी कम होती थी। अब इस मामले में गैस चोरी के पूरे नेटवर्क की जांच महत्वपूर्ण हो गई है। यह पता लगाना आवश्यक है कि इस गोरखधंधे में एजेंसी की कितनी संलिप्तता है और यह कितने समय से चल रहा था। उपभोक्ताओं को ठगे जाने से बचाने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है।

