नागदा में 24 जुलाई 2026 को 90 साल पहले मर चुके व्यक्ति के नाम पर जमीन की रजिस्ट्री का प्रयास नाकाम, पुलिस ने बहरूपिये को पकड़ा, पांच लाख रुपये के लेन-देन का भी खुलासा
उज्जैन जिले के नागदा स्थित उप पंजीयक कार्यालय में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 90 साल पहले मृत घोषित एक व्यक्ति के नाम पर जमीन की रजिस्ट्री कराने का प्रयास किया गया। बहरूपिया बनकर आए एक 57 वर्षीय व्यक्ति ने यह फर्जीवाड़ा करने की कोशिश की। भूमि मालिक मूलचंद के पोते कैलाश ने समय रहते आपत्ति जताकर इस धोखाधड़ी को नाकाम कर दिया। पाल्याकलां की ढाई बीघा जमीन, जिसका रकबा 0.5850 हेक्टेयर है, मूलचंद पुत्र भुवान के नाम दर्ज है। इस जमीन का कब्जा मूलचंद के पोते कैलाश और सुरेश के पास है। मूलचंद का निधन करीब 90 साल पहले हो चुका था। ऐसे में, 57 वर्षीय एक व्यक्ति, जो खुद को मूलचंद पुत्र भुवान बता रहा था, उसने यूनुस अली नामक दलाल के साथ मिलकर इस जमीन की रजिस्ट्री कराने का प्रयास किया। यह व्यक्ति मूलचंद बनकर उप पंजीयक कार्यालय पहुंचा और जमीन की रजिस्ट्री के लिए स्लॉट भी बुक करा लिया। हालांकि, भूमि स्वामी के पोते कैलाश को इस साजिश की भनक लग गई। उन्होंने 24 जुलाई 2026 को उप पंजीयक संतोष कटलाना के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई। कैलाश की आपत्ति के बाद उप पंजीयक ने रजिस्ट्री रोक दी और मामले की जांच शुरू की। जांच में पता चला कि रजिस्ट्री कराने आया व्यक्ति प्रथम दृष्ट्या फर्जी पाया गया। इसके बाद उप पंजीयक ने उसे पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस थाने में पूछताछ के दौरान एक और खुलासा हुआ कि इस बहरूपिये ने फिरोज नामक व्यक्ति से पांच लाख रुपये लेकर यूनुस अली को यह जमीन बेचने की कोशिश की थी। बिरलाग्राम थाना प्रभारी जितेंद्र पाटीदार ने बताया कि सभी पक्षों को थाने बुलाया गया है।


