एशियाई खेलों में भारतीय महिला खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश को 85 पदक दिलाए और पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। भारत के खाते में 27 स्वर्ण, 21 रजत और 37 कांस्य पदक आए। इस उपलब्धि की सबसे गौरवपूर्ण तस्वीर यह है कि महिला खिलाड़ियों ने 44 पदक अपने नाम किए, जो पुरुष खिलाड़ियों के बराबर हैं। इनमें 11 स्वर्ण पदक महिला खिलाड़ियों और महिला टीमों ने जीते। क्रिकेट में भारतीय महिला टीम ने स्वर्ण जीतकर देश का गौरव बढ़ाया, वहीं महिला कबड्डी और महिला हॉकी टीम ने भी स्वर्णिम सफलता हासिल की। एशियाई खेलों में भारतीय बेटियों की सफलता महिला सशक्तिकरण की सबसे प्रभावशाली तस्वीर है। उनकी सफलता यह विश्वास मजबूत करती है कि बेटी को अवसर, प्रोत्साहन और विश्वास दिया जाए तो वह किसी भी क्षेत्र में सर्वोच्च शिखर तक पहुंच सकती है। व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भी भारतीय बेटियों ने नए इतिहास रचे। कुमकुम मोहोड ने महिला व्यक्तिगत रिकर्व में भारत के लिए पहला एशियाई खेल स्वर्ण पदक जीता। महिला रिकर्व टीम ने भी स्वर्ण अपने नाम किया। निशानेबाजी में नीरू धांडा ने स्वर्ण पदक जीतकर शानदार उपलब्धि हासिल की। मुक्केबाजी में लवलीना बोरगोहेन और परवीन हुड्डा ने स्वर्ण पदक जीते, जबकि गोल्फ में प्रणवी उर्स ने भारत के लिए ऐतिहासिक स्वर्ण पदक हासिल किया। मीराबाई चानू ने भारोत्तोलन में रजत पदक जीतकर भारत के लिए इस खेल में लंबे अंतराल के बाद पदक दिलाया। इस तरह नीरू ने एशियाई खेलों में तीन पदक जीतकर प्रदेश और देश का गौरव बढ़ाया।
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एशियाई खेलों में भारत की बेटियों का शानदार प्रदर्शन, जीते 85 पदक
5 अक्टूबर 2026 को 11:26 pm बजे
