आवेदन के बाद भी पुल न बनने से परेशान ग्रामीणों ने खुद ही उठाया बीड़ा
टीकमगढ़ जिले के मोहनगढ़ तहसील के रानीपुरा गांव में बारिश के दौरान मानसागर तालाब का रास्ता पानी में डूब जाता है
टीकमगढ़ जिले की मोहनगढ़ तहसील के रानीपुरा गांव में बारिश के दौरान मानसागर तालाब का रास्ता पानी में डूब जाता है, जिससे ग्रामीणों का संपर्क बाहरी दुनिया से कट जाता है। बच्चों को स्कूल जाने और अन्य ग्रामीणों को अस्पताल, बाजार या खेतों तक पहुंचने में भारी दिक्कतें होती हैं। गांव से बाहर जाने का दूसरा रास्ता भी कई किलोमीटर लंबा और जर्जर है, जिससे कीचड़ के कारण निकलना और भी मुश्किल हो जाता है। इस गंभीर समस्या से निजात पाने के लिए ग्रामीणों ने खुद ही एक अनोखा समाधान निकाला है। पुल निर्माण के लिए कई बार नेताओं, शासन और प्रशासन से गुहार लगाने के बावजूद जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो आखिरकार ग्रामीणों ने चंदा जुटाकर एक अस्थायी पुल बनाने का फैसला किया। ग्रामीणों ने प्लास्टिक के ड्रमों और बांस की मदद से पानी के ऊपर तैरता हुआ एक पुल तैयार किया है। इस जुगाड़ के पुल की लंबाई करीब 80 फीट है। इस अनूठे पुल का इस्तेमाल अब गांव के बच्चे स्कूल जाने के लिए करते हैं, जबकि बड़े-बुजुर्ग और अन्य ग्रामीण अस्पताल, बाजार और खेतों तक आने-जाने के लिए इसका सहारा ले रहे हैं। यह पुल ग्रामीणों की दैनिक आवाजाही के लिए एक महत्वपूर्ण जरिया बन गया है, खासकर बरसात के दिनों में जब मुख्य रास्ता पानी में डूब जाता है। जिला पंचायत सीईओ विशाल धाकड़ ने इस मामले का संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों ने ड्रमों और बांस का उपयोग करके एक पुलनुमा आकृति बनाई है, जिससे वे पानी पार कर रहे हैं। इसके चलते उन्हें खुद ही अपनी जरूरतें पूरी करनी पड़ीं।

