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सीहोर जिले में बिजली चोरी की जांच करने गई बिजली कंपनी की टीम पर कंजर चौराहा पर हमला हुआ। इस दौरान जयप्रकाश, जयवंती और अन्य लोगों ने टीम के सदस्यों के साथ न केवल अभद्र व्यवहार किया, बल्कि मारपीट भी की। स्थिति बिगड़ने पर टीम ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर ⟦⟧ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। यह घटना तब हुई जब मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी की प्रबंधक जोन-2, सीहोर साधना कवरेती के नेतृत्व में टीम एक उपभोक्ता के बिजली कनेक्शन की जांच के लिए कंजर चौराहा पहुंची थी। जांच के दौरान मौके पर मौजूद जयप्रकाश, जयवंती और अन्य लोगों ने टीम के साथ हाथापाई शुरू कर दी। आरोप है कि महिला कर्मचारी प्रीति शुक्ला का गला दबाने की कोशिश की गई और लाइन हेल्पर राहुल चौहान को पीटकर उनका हाथ मरोड़ दिया गया। हमलावरों ने ईंट-पत्थर से मारने का प्रयास भी किया। इस अप्रिय घटना के बाद, टीम ने तुरंत 112 पर पुलिस को फोन कर सहायता मांगी। सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। ] मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने इस घटना को अत्यंत गंभीरता से लिया है। कंपनी ने सभी नियंत्रणकर्ता अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि ऐसी किसी भी घटना में तत्काल पुलिस को सूचित करें और नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित कराएं। कंपनी का रुख स्पष्ट है कि ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ किसी भी प्रकार का दुर्व्यवहार, मारपीट या शासकीय कार्य में बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिकायत के अनुसार, थाना कोतवाली, सीहोर में भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा ⟦⟧, 121(1), 296(बी), 115(2) और 3(5) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है। इस मामले में जयप्रकाश, करन सिलावट, सचिन सिलावट, दीपक, जयवंती, रानी, मीरा और आदित्य, जो सभी कंजर चौराहा, सीहोर के निवासी हैं, को नामजद आरोपी बनाया गया है। पुलिस इन सभी आरोपियों की तलाश कर रही है। मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने मैदानी अधिकारियों और कर्मचारियों से भी आग्रह किया है कि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय प्रशासन और पुलिस से आवश्यक सहयोग प्राप्त करें। कंपनी अपने कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर प्रतिबद्ध है और ऐसे कृत्यों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे बिजली चोरी और अनधिकृत बिजली के उपयोग से बचें। साथ ही, कंपनी ने यह भी कहा है कि बिजली जांच और विभागीय कार्यवाही के दौरान कर्मचारियों के साथ सहयोग करें। इस तरह के अपराधों से न केवल सरकारी राजस्व का नुकसान होता है, बल्कि यह कानून का उल्लंघन भी है। बिजली चोरी रोकने के लिए कंपनी लगातार प्रयास कर रही है। जांच टीमों को ऐसे स्थानों पर भेजा जाता है जहां बिजली चोरी की सूचना मिलती है।
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