उज्जैन शहर की सड़कों पर ई-रिक्शा की बढ़ती संख्या यात्रियों की सुरक्षा पर एक बड़ा सवाल खड़ा कर रही है। शहर के सार्वजनिक परिवहन का अहम हिस्सा बन चुके इन ई-रिक्शा के संचालन में सुधार की तत्काल आवश्यकता है। स्थिति यह है कि यातायात पुलिस और आरटीओ के पास पेट्रोल-डीजल से चलने वाले करीब 5 हजार ऑटो और 3500 मैजिक वाहनों का रिकॉर्ड तो है, लेकिन ई- रिक्शा चालकों और उनके वाहनों की पूरी जानकारी अब तक व्यवस्थित रूप से दर्ज नहीं है। शहर में न तो ई-रिक्शा के लिए कोई स्थानीय नंबरिंग की गई है और न ही बड़ी संख्या में चालकों का सत्यापन हुआ है। ऐसे में किसी दुर्घटना या विवाद की स्थिति में वाहन और चालक की पहचान करना बेहद मुश्किल हो जाता है। यात्रियों का कहना है कि यदि प्रत्येक वाहन को एक स्थानीय नंबर दिया जाए और चालक का दस्तावेजों के साथ सत्यापन कराया जाए, तो सुरक्षा बढ़ेगी।
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उज्जैन: 6 हजार ई-रिक्शा बिना नंबर, यात्री सुरक्षा पर बड़ा सवाल
5 अक्टूबर 2026 को 11:26 pm बजे

उज्जैन: 6 हजार ई-रिक्शा बिना नंबर, यात्री सुरक्षा पर बड़ा सवाल
