उज्जैन के भाटपचलाना गांव में एक अनोखा चना का पेड़ लोगों के बीच कौतूहल का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों का दावा है कि यह पेड़ करीब 500 साल पुराना है और इसकी ऊंचाई 40 फीट तक है, जिसकी डालियों पर सामान्य चने के विपरीत फलियां नहीं, बल्कि सीधे चने उगते हैं। इस असाधारण पेड़ को देखने और इसके साथ रील बनाने के लिए देश के विभिन्न राज्यों से लोग यहां पहुंच रहे हैं। आम तौर पर चने का पौधा छोटा होता है, जिसकी ऊंचाई 30 से 60 सेंटीमीटर तक होती है और अनुकूल परिस्थितियों में यह 100 सेंटीमीटर तक बढ़ सकता है। फसल तैयार होने के बाद ये पौधे सूख जाते हैं। लेकिन भाटपचलाना गांव का यह पेड़ अपनी संरचना और आकार में बिल्कुल अलग है, जिसे लोग 'चना का झाड़' कहने लगे हैं। इस पेड़ से जुड़ी एक खास मान्यता यह है कि इसके चने खाने और पास स्थित पीर बाबा की दरगाह पर मन्नत मांगने से निःसंतान दंपतियों को संतान सुख की प्राप्ति होती है। इसी विश्वास के चलते मध्य प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों से लोग यहां पहुंचते हैं। दरगाह के सेवादार शाहरुख बताते हैं कि दूर-दूर से लोग मन्नतें लेकर आते हैं। निःसंतान दंपती यहां के चने खाते हैं और दरगाह पर प्रार्थना करते हैं। स्थानीय लोगों का दृढ़ विश्वास है कि उनकी मन्नतें अवश्य पूरी होती हैं, जिससे इस पेड़ और दरगाह का महत्व और बढ़ जाता है। स्थानीय निवासी शाहरुख के अनुसार, यह पेड़ कोई नया नहीं है। उनकी 8 से 10 पीढ़ियां इसे देखती आ रही हैं। उन्हें स्वयं भी यह नहीं पता कि इसे किसने और कब लगाया था, लेकिन गांव में इसे लेकर अनेक मान्यताएं प्रचलित हैं।
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उज्जैन: 500 साल पुराना चना पेड़ बना कौतूहल
5 नवंबर 2026 को 10:58 pm बजे
उज्जैन: 500 साल पुराना चना पेड़ बना कौतूहल
