भोपाल के बड़े तालाब के किनारे करोड़ों रुपये की लागत से बनाए गए पांचों फव्वारे लोकार्पण के तुरंत बाद ही बंद हो गए। जनता के पैसे से तैयार ये खूबसूरत प्रोजेक्ट्स रखरखाव के अभाव में बदहाल हो गए हैं। शहर की खूबसूरती बढ़ाने और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लगाए गए इन फव्वारों ने लोकार्पण के कुछ समय बाद ही दम तोड़ दिया, जिससे लोगों को निराशा हाथ लगी। बोट क्लब पर लगभग 8.50 करोड़ रुपये की लागत से एक म्यूजिकल फाउंटेन स्थापित किया गया था। इसके अलावा, राजाभोज सेतु के नीचे 1.30 करोड़ रुपये का फ्लोटिंग फाउंटेन और वीआईपी रोड पर 1.50 करोड़ रुपये का एक और म्यूजिकल फाउंटेन लगाया गया। इन सभी पर करोड़ों की धनराशि खर्च की गई, लेकिन उचित रखरखाव और संचालन के अभाव में ये परियोजनाएं ठप पड़ गईं। इन फव्वारों को आकर्षक रोशनी, संगीत और पानी के सुंदर नजारों के साथ तैयार किया गया था, जो शहरवासियों के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र बनने वाले थे। हालांकि, तकनीकी खामियों और नियमित रखरखाव की कमी के कारण इनका प्रदर्शन लोकार्पण के कुछ समय बाद ही रुक गया। आज ये फव्वारे अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहे हैं और शहरवासियों को इनका मनोरम दृश्य देखने को नहीं मिल रहा है। यह स्थिति जनता की गाढ़ी कमाई के दुरुपयोग की ओर इशारा करती है। करोड़ों रुपये खर्च करने के बावजूद इन परियोजनाओं की जिम्मेदारी तय नहीं हो सकी। निर्माण के समय बड़े-बड़े वादे और दावे किए गए थे, लेकिन रखरखाव की उपेक्षा के कारण ये योजनाएं पूरी तरह से असफल साबित हुई हैं और किसी काम की नहीं रह गईं। नगर निगम अब इन बंद पड़े फव्वारों को फिर से चालू कराने की दिशा में कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। यह सवाल बना हुआ है कि जनता के पैसे से बनी इन परियोजनाओं के खराब होने की असल जिम्मेदारी किसकी थी। रखरखाव की कमी के कारण ये खूबसूरत फव्वारे सफेद हाथी साबित हुए हैं। इन फव्वारों के बंद होने से न केवल शहर की सुंदरता प्रभावित हुई है, बल्कि पर्यटन की संभावनाओं को भी झटका लगा है। पांच फव्वारे 5 नवंबर 2026 को बंद हुए थे, और अब उन्हें फिर से शुरू कराने की कवायद की जा रही है।
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करोड़ों की लागत से बने भोपाल के 5 फव्वारे रखरखाव के अभाव में बंद
5 नवंबर 2026 को 10:57 pm बजे
