उज्जैन नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने गुरुवार को सिंहस्थ 2028 के लिए चल रहे विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पंचमुखी हनुमान मंदिर से जंतर मंतर तक बन रहे सड़क मार्ग का काम धीमा मिलने पर ठेकेदार पर 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाने का निर्देश दिया। यह सड़क 10 करोड़ रुपये की लागत से 930 मीटर लंबी और 18 मीटर चौड़ी बनाई जा रही है। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और काम में तेजी लाई जाएगी। निरीक्षण के दौरान, आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने डी-मार्ट से सिकंदरी एसआर-4 मार्ग का भी जायजा लिया। यह मार्ग करीब 17 करोड़ रुपये की लागत से 1.5 किलोमीटर लंबा और 18 मीटर चौड़ा किया जा रहा है। यहां भी काम की गति धीमी पाई गई और मजदूरों की संख्या अपर्याप्त दिखी। आयुक्त ने इस पर नाराजगी जताते हुए ठेकेदार को काम तेज करने और पर्याप्त संसाधन लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी सूरत में काम की समय सीमा नहीं बढ़ाई जाएगी। इसके अतिरिक्त, जीवनखेड़ी-सिकंदरी एमआर-21 मार्ग का भी निरीक्षण किया गया। यह मार्ग 36 करोड़ रुपये की लागत से 2 किलोमीटर से अधिक लंबा और 30 मीटर चौड़ा बनाया जा रहा है। आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों को सख्त हिदायत दी कि सिंहस्थ 2028 से पहले सभी कार्यों को हर हाल में पूरा करना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि विकास कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और गुणवत्ता मानकों का कड़ाई से पालन किया जाएगा। आयुक्त मिश्रा ने अमृत-2 सीवरेज प्लांट का भी निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सिंहस्थ से संबंधित सभी कार्यों की लगातार निगरानी करते रहें। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे हों। सिंहस्थ मेला उज्जैन के लिए एक महत्वपूर्ण आयोजन है और इसके लिए किए जा रहे विकास कार्य शहर की छवि के लिए अहम हैं। पंचमुखी हनुमान से जंतर मंतर तक सड़क निर्माण में देरी के मामले में, आयुक्त ने सीधे तौर पर ठेकेदार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि काम की धीमी गति और मजदूरों की कमी स्वीकार्य नहीं है। इसी कारण 5 लाख रुपये के जुर्माने का आदेश दिया गया है, ताकि भविष्य में ऐसी लापरवाही न हो। यह सुनिश्चित करेगा कि ठेकेदार काम में तेजी लाएं और आवश्यक संसाधनों को जुटाएं। आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नियमित रूप से कार्य स्थलों का दौरा करें और प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि जहां भी काम में बाधा आ रही है, उसका तुरंत समाधान निकाला जाना चाहिए। सिंहस्थ 2028 के लिए चल रहे सड़क चौड़ीकरण और निर्माण कार्यों में तेजी लाना प्राथमिकता है। निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने स्पष्ट किया कि समय-सीमा का विस्तार केवल असाधारण परिस्थितियों में ही संभव होगा, अन्यथा सभी को निर्धारित समय में काम पूरा करना होगा। उन्होंने ठेकेदारों को चेतावनी दी कि अगर गुणवत्ता खराब पाई गई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अमृत-2 सीवरेज प्लांट के निरीक्षण के दौरान, आयुक्त ने प्लांट की क्षमता और संचालन की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि यह सुनिश्चित करें कि प्लांट पूरी क्षमता से काम करे और सीवेज प्रबंधन में कोई समस्या न आए, क्योंकि यह शहर के पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत, नगर निगम ने सभी चल रहे निर्माण कार्यों की गति और गुणवत्ता पर अपना शिकंजा कस दिया है।
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निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने उज्जैन में सिंहस्थ कार्यों का जायजा लिया, पंचमुखी हनुमान-जंतर मंतर मार्ग धीमा मिलने पर ठेकेदार पर 5 लाख का जुर्माना लगाने के निर्देश दिए
8 अक्टूबर 2026 को 10:42 pm बजे

निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने उज्जैन में सिंहस्थ कार्यों का जायजा लिया, पंचमुखी हनुमान-जंतर मंतर मार्ग धीमा मिलने पर ठेकेदार पर 5 लाख का जुर्माना लगाने के निर्देश दिए
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