प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत जिले में सोमवार को कुल 429 गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई। इस दौरान 127 गर्भवती महिलाएं हाई रिस्क श्रेणी में चिन्हित की गईं, जिनकी विशेष देखभाल की जाएगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुधीर कुमार डेहरिया ने बताया कि यह अभियान हर महीने की 9 और 25 तारीख को स्वास्थ्य केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं को मुफ्त प्रसव पूर्व जांच और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करता है। इसका मुख्य उद्देश्य गर्भावस्था के दौरान उत्पन्न होने वाली जटिलताओं को समय पर पहचानना और सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करना है। अभियान के अंतर्गत, गर्भवती महिलाओं को आवश्यक जांच, दवाइयां और विशेषज्ञ परामर्श पूरी तरह से निःशुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं। यह सुनिश्चित करता है कि आर्थिक स्थिति आड़े न आए और हर महिला को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। हाई रिस्क श्रेणी में आने वाली महिलाओं पर विशेष ध्यान दिया जाता है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। डॉ. डेहरिया ने आगे बताया कि हाई रिस्क वाली गर्भवती महिलाओं की विशेष निगरानी की जाती है। यदि उनकी स्थिति गंभीर पाई जाती है या किसी विशेष उपचार की आवश्यकता होती है, तो उन्हें उच्च चिकित्सा संस्थानों में रेफर करने की व्यवस्था की जाती है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि वे समय पर अस्पताल पहुँच सकें, उनके लिए सेप-अप और ड्रॉप की सुविधा भी प्रदान की जाती है। यह अभियान मातृत्व स्वास्थ्य को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से न केवल माताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा होती है, बल्कि नवजात शिशुओं के स्वस्थ जीवन की नींव भी रखी जाती है। नियमित जांच और समय पर हस्तक्षेप से मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर को कम करने में मदद मिलती है।
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प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत 429 गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच हुई
27 अक्टूबर 2026 को 11:51 pm बजे
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत 429 गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच हुई
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