मुख्यमंत्री यादव ने लाड़ली बहनों को 41वीं किश्त के रूप में 1834 करोड़ रुपये जारी किए, साथ ही गैस सिलेंडर के लिए 115 करोड़ दिए
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने नवरात्रि के पावन पर्व पर बुधवार को प्रदेश की एक करोड़ 25 लाख लाड़ली बहनों को लाड़ली बहना योजना की 41वीं किश्त की सौगात दी। मुख्यमंत्री यादव ने सिंगल क्लिक से राशि बहनों के बैंक खातों में अंतरित की। उन्होंने प्रदेश की सवा करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों को 1834 करोड़ रुपये से अधिक राशि जारी की। इसके साथ ही प्रधानमंत्री उज्ज्वला गैस योजना के तहत बहनों को गैस सिलेंडर रिफिल के लिए 115 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए। मुख्यमंत्री यादव ने लाड़ली बहना सम्मेलन में 144 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन भी किया। मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि राज्य सरकार सच्चा वादा-पक्का काम के भाव से प्रदेश की जनता से किए गए जनकल्याण के सभी वादे पूरा कर रही है। प्रदेश की आधी आबादी के कल्याण और सशक्तिकरण के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि अन्य दलों की सरकारों के दौरान महिला बाल विकास विभाग का बजट केवल 350 करोड़ रुपये था, जबकि अब राज्य सरकार ने महिला कल्याण के लिए 47 हजार करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया है। मुख्यमंत्री यादव ने उमरिया जिले के मानपुर जनपद पंचायत अंतर्गत गुरुवाही ग्राम में आयोजित सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि उमरिया जिले को प्रभु श्रीराम, माता सीता और भगवान श्रीकृष्ण का विशेष आशीर्वाद मिला है। उन्होंने विरासनी देवी का आशीर्वाद लेना सौभाग्य बताया। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री उज्ज्वला गैस योजना के एलपीजी उपभोक्ताओं को गैस रिफिलिंग अनुदान राशि के तहत प्रदेश की 23 लाख से अधिक बहनों को 115 करोड़ रुपये से अधिक राशि अंतरित की। राज्य सरकार पिछले 3 सालों में गैस रिफिल अनुदान के लिए 1600 करोड़ की सहायता दे चुकी है। मुख्यमंत्री यादव ने गरीबों के जीवन में खुशियां लाने के सरकार के प्रयासों पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने माताओं-बहनों की सुविधा के लिए पक्के मकान और शौचालय बनवाए हैं। राज्य सरकार स्वामित्व योजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में 50 लाख से अधिक संपत्तियों की नि:शुल्क रजिस्ट्री कराने का संकल्प लिया है। प्रदेश में 21 वर्ष बाद मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा की बसें फिर से चलने लगी हैं। बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए सांदीपनि विद्यालय की सौगात मिल रही है, जहाँ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जाती है।

