उज्जैन जीआरपी ने पिछले 10 महीनों में ट्रेन यात्रियों से चोरी हुए करीब 38 लाख रुपए मूल्य के 189 मोबाइल फोन बरामद किए हैं और उन्हें उनके मालिकों को लौटा दिया है। जीआरपी उज्जैन के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2026 में अभी तक विभिन्न शहरों से उज्जैन आए रेल यात्रियों से कुल 360 मोबाइल फोन चोरी हुए थे, जिनकी अनुमानित बाज़ार कीमत 80 लाख से अधिक बताई जा रही है। राहत की बात यह है कि जीआरपी टीम ने इसमें से 189 मोबाइल फोन ढूंढ निकाले हैं और सभी मोबाइल फोन उनके असली मालिकों को लौटा दिया गया है। उज्जैन में महाकाल लोक बनने के कारण रेलवे में यात्रियों की भीड़ बढ़ गई है। इसका फायदा कुछ अपराधिक गतिविधियों में शामिल लोग उठा रहे हैं। चलती गाड़ियों में मोबाइल और पर्स चुरा रहे हैं। साल 2025 में एक जनवरी से 31 दिसंबर के बीच 365 दिनों में 400 से ज्यादा मोबाइल चोरी हुए थे। वहीं साल 2026 में बीते 10 महीनों में 360 मोबाइल चोरी हुए, जिसमें 189 मोबाइल मिले हैं। जिनकी बाजार कीमत 38 लाख से अधिक हैं। सबसे ज्यादा चोरी इन ट्रेनों में उज्जैन रेलवे क्षेत्र से निकलने वाली वे चार अलग-अलग ट्रेनें, जिनमें इस साल सबसे ज्यादा चोरी की घटनाएं सामने आई हैं। यानि चोरों की सबसे ज्यादा नजर मालवा, इंदौर, बिलासपुर ओवर नाईट और इंदौर भोपाल स्पेशल ट्रेन सहित करीब 15 ट्रेनों पर रहती है। इन ट्रेनों के आवागमन करने के दौरान उन्हें जब भी मौका मिलता है, वे विंडो पर या गेट पर खड़े यात्रियों का मोबाइल, बैग आदि छीनकर भाग जाते हैं। यदि यात्री थोड़े चौकन्ने हो जाएं, तो चोरी की घटनाओं में खासी कमी आ सकती है। वहीं अधिकांश चोरियों में इंदौर और भोपाल के चोर पकड़ में आए हैं, जिनके पहले भी कई अपराधिक रिकॉर्ड रह चुके हैं।
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जीआरपी ने 38 लाख के मोबाइल पकड़े
6 नवंबर 2026 को 11:09 pm बजे

जीआरपी ने 38 लाख के मोबाइल पकड़े
