अल-नीनो के प्रभाव के कारण इस अक्टूबर में अप्रैल जैसी गर्मी पड़ रही है, जिससे तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। विशेषज्ञ सत्येंद्र सिंह तोमर के अनुसार, मानसून के बाद के मौसम पर अल-नीनो का असर है। बंगाल की खाड़ी में फिलहाल कोई नया सिस्टम न बनने के कारण अगले एक सप्ताह तक बारिश की गतिविधियां होने की संभावना नहीं है। इस वजह से आर्द्रता बढ़ेगी, जिससे दिन गर्म और उमस भरे रहेंगे, जबकि रात के तापमान में धीरे- धीरे गिरावट शुरू होगी। मौसम विभाग का कहना है कि अक्टूबर के पहले सप्ताह में अधिकतम तापमान 35 डिग्री से 36 डिग्री और न्यूनतम 18.0 डिग्री से 20 डिग्री के बीच रहने की संभावना है। शनिवार को अधिकतम तापमान 34.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि शुक्रवार को यह 35 डिग्री था। इसी तरह, शनिवार को न्यूनतम तापमान 18.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार, अक्टूबर में जिले के मौसम में तेजी से बदलाव आने वाला है। हालांकि, महीने के अंतिम सप्ताह में मौसम में ठंडक बढ़ने की उम्मीद है। इस साल बारिश कम होने के कारण कुछ फसलों की बुवाई का रकबा कम हो सकता है। पिछले वर्ष चने का रकबा 33 हजार 500 हेक्टेयर से बढ़ाकर 37 हजार 500 हेक्टेयर किया गया था। गेहूं के रकबे को इस साल 3 लाख 48 हजार हेक्टेयर से घटाकर 3 लाख 44 हजार हेक्टेयर करने का लक्ष्य रखा गया है। यह निर्णय बारिश की कमी को देखते हुए लिया गया है। इसके साथ ही, मक्का के लिए 2 हजार हेक्टेयर, मसूर के लिए 1 हजार हेक्टेयर, मटर के लिए 50 हेक्टेयर, सरसों के लिए 1 हजार 600 हेक्टेयर, अलसी के लिए 10 हेक्टेयर और गन्ने के लिए 30 हेक्टेयर रकबे में बुवाई का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह स्थिति अल-नीनो के प्रभाव का सीधा परिणाम है, जो मानसून के बाद के मौसम को प्रभावित कर रहा है। कृषि विशेषज्ञ सत्येंद्र सिंह तोमर ने बताया कि अल-नीनो के कारण तापमान में असामान्य वृद्धि देखी जा रही है। उन्होंने कहा कि इस बार मानसून के बाद का मौसम अल-नीनो से प्रभावित है। गर्मी और उमस का यह दौर फिलहाल जारी रहेगा। हालांकि, रातें धीरे-धीरे ठंडी होने लगेंगी। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक इसी तरह के मौसम बने रहने की संभावना जताई है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे इस असामान्य गर्मी से बचाव के उपाय करें।
समाचार
अल-नीनो का असर: अक्टूबर में अप्रैल जैसी गर्मी, तापमान 35 डिग्री
5 अक्टूबर 2026 को 12:05 am बजे
