कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनसुनवाई में जिला पंचायत सीईओ सर्जना यादव और अपर कलेक्टर बृजेश सक्सेना की उपस्थिति में जिलेभर से कुल 34 आवेदकों ने अपनी विभिन्न प्रकार की समस्याओं से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। अधिकारियों ने प्राप्त सभी आवेदनों का संज्ञान लेते हुए संबंधित विभागों के जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे निर्धारित समय-सीमा के भीतर इन समस्याओं का प्रभावी और संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित करें। जनसुनवाई में भूमि संबंधी विवादों, पेंशन, आवास योजना, बीपीएल कार्डों के आवंटन और मुआवजे के भुगतान जैसे अनेक ज्वलंत मुद्दे उठाए गए, जिन पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए गए
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनसुनवाई में नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। इस दौरान जिला पंचायत की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सर्जना यादव और अपर कलेक्टर बृजेश सक्सेना ने उपस्थित अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित और समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए। जिलेभर से आए 34 आवेदकों ने अपनी विभिन्न कठिनाइयों से संबंधित आवेदन प्रस्तुत किए। यह जनसुनवाई जिला मुख्यालय के साथ-साथ जनपद स्तर पर भी आयोजित की गई, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों तक पहुंचा सकें। जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों में भूमि विवाद, नामांतरण, बंटवारा, आपसी झगड़े, मेड़-रास्ता संबंधी विवाद, बीपीएल कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ, गन लाइसेंस, वृद्धावस्था पेंशन, आर्थिक सहायता और मुआवजे से संबंधित मामले प्रमुख थे। इन सभी आवेदनों पर अधिकारियों ने गंभीरता से गौर किया और संबंधित विभागों को नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए। इस महत्वपूर्ण जनसुनवाई में डिप्टी कलेक्टर प्रेम सिंह गौड़, एसडीएम तन्मय वर्मा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों की उपस्थिति ने यह सुनिश्चित किया कि प्राप्त शिकायतों पर संबंधित विभाग के प्रमुख तत्काल ध्यान दें और समाधान की दिशा में कदम बढ़ाएं। यह व्यवस्था नागरिकों को त्वरित न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जनसुनवाई का मुख्य उद्देश्य नागरिकों की उन समस्याओं का समाधान करना था जिनका निराकरण अक्सर सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने के बावजूद नहीं हो पाता। जिला प्रशासन ने इस पहल के माध्यम से यह संदेश दिया कि वह आम जनता की कठिनाइयों के प्रति संवेदनशील है और उनके निवारण के लिए प्रतिबद्ध है। इस प्रकार की बैठकें सरकारी तंत्र और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करने में सहायक सिद्ध होती हैं। सर्जना यादव और बृजेश सक्सेना ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे प्राप्त आवेदनों की प्रकृति को समझें और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर हल करें। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी आवेदन को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और प्रत्येक नागरिक को यह महसूस होना चाहिए कि उसकी समस्या सुनी गई है और उस पर कार्रवाई हो रही है। समय-सीमा का पालन सुनिश्चित करने के लिए नियमित अनुवर्ती कार्रवाई के भी निर्देश दिए गए। जनसुनवाई में प्राप्त भूमि संबंधी विवादों पर विशेष ध्यान दिया गया। इसमें जमीन के मालिकाना हक, बंटवारे और रास्ते संबंधी मामले शामिल थे। इन मामलों के त्वरित समाधान से न केवल लोगों को राहत मिलेगी बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में शांति और व्यवस्था बनाए रखने में भी मदद मिलेगी। अधिकारियों ने राजस्व विभाग के अमले को इन मामलों को प्राथमिकता पर लेने के निर्देश दिए। बीपीएल कार्ड और प्रधानमंत्री आवास योजना से संबंधित आवेदनों पर भी चर्चा हुई। जिन पात्र हितग्राहियों को इन योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा था, उन्हें जल्द से जल्द लाभान्वित करने के निर्देश दिए गए। यह सुनिश्चित किया गया कि सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचे और किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके अतिरिक्त, गन लाइसेंस, वृद्धावस्था पेंशन और आर्थिक सहायता के लिए प्राप्त आवेदनों पर भी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने के लिए कहा गया। समाधान की दिशा में उठाए गए हर कदम का रिकॉर्ड रखा जाएगा।
