महात्मा गांधी की 157वीं जयंती के उपलक्ष्य में 2 से 8 अक्टूबर तक मनाए गए मद्य निषेध सप्ताह के दौरान जिला जेल सीहोर में नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संचालनालय सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण, मध्य प्रदेश, भोपाल के निर्देशानुसार संपन्न हुए इस कार्यक्रम का उद्देश्य बंदियों को नशे के विनाशकारी प्रभावों से अवगत कराना और उन्हें स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम के दौरान, जेल में बंद कुल 328 बंदियों ने नशे को जड़ से खत्म करने के संकल्प के साथ एक मानव श्रृंखला बनाई। यह दृश्यबद्ध प्रयास न केवल बंदियों की एकजुटता का प्रतीक था, बल्कि समाज में नशाखोरी के खिलाफ एक मजबूत संदेश देने का भी माध्यम बना। बंदियों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया और उन्हें नशा मुक्ति की शपथ भी दिलाई गई। उप जेल अधीक्षक दिलीप नायक ने इस अवसर पर बंदियों को संबोधित करते हुए नशे के दुष्परिणामों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कैसे नशा व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक जीवन को बर्बाद कर सकता है। नायक ने बंदियों से आग्रह किया कि वे जेल से रिहा होने के बाद एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपना जीवन जिएं और समाज की बेहतरी में योगदान दें। जेल स्टाफ के समस्त सदस्यों ने इस जागरूकता कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने बंदियों को नशा मुक्ति के फायदों के बारे में जानकारी दी और उन्हें इस दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
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महात्मा गांधी जयंती पर सीहोर जेल में नशा मुक्ति जागरूकता अभियान, 328 बंदियों ने मानव श्रृंखला बनाकर लिया संकल्प
7 अक्टूबर 2026 को 11:25 pm बजे

महात्मा गांधी जयंती पर सीहोर जेल में नशा मुक्ति जागरूकता अभियान, 328 बंदियों ने मानव श्रृंखला बनाकर लिया संकल्प
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