बंगाल की खाड़ी से उठा 'अर्नब' तूफान आंध्र प्रदेश से टकराया, 3 लोगों की मौत और हजारों को किया गया शिफ्ट
57 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, 21 फ्लाइट्स और 50 ट्रेनें रद्द
बंगाल की खाड़ी से उठा चक्रवाती तूफान 'अर्नब' मंगलवार देर रात 3:30 बजे आंध्र प्रदेश के तट से टकराया। इस दौरान 125 से 135 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं के साथ भारी बारिश हुई। तूफान के कारण आंध्र प्रदेश में 3 लोगों की मौत हो गई, जबकि राज्य के 31 घरों को नुकसान पहुंचा। 57 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। तूफान से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। तूफान के कारण 50 ट्रेनें और विजयवाड़ा-विशाखापट्टनम एयरपोर्ट पर 21 फ्लाइट्स रद्द कर दी गईं। ओडिशा में भी भारी बारिश के चलते 16 जिलों में स्कूल बंद कर दिए गए हैं। यहां 30 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। आंध्र प्रदेश और ओडिशा में 4,000 साइक्लोन शेल्टर बनाए गए हैं। विशाखापट्टनम में रात 27 अक्टूबर की सुबह 8:30 बजे से 28 अक्टूबर की सुबह 3 बजे तक, यानी करीब 18 घंटे में 200म्म से ज्यादा बारिश दर्ज की गई। यह जुलाई में होने वाली औसत बारिश 133म्म से डेढ़ गुना ज्यादा है। मौसम विभाग के अनुसार, 24 घंटे में ओडिशा, तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 21 से 30 सेमी बारिश रिकॉर्ड की गई है। तूफान 'अर्नब' अब आंध्र प्रदेश को पार कर दक्षिण-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है, लेकिन राज्य में अब भी बारिश जारी है। आंध्र प्रदेश के CM चंद्रबाबू नायडू ने अमरावती में रियल टाइम गवर्नेंस सोसाइटी सेंटर से चक्रवात प्रभावित जिलों की स्थिति की जानकारी ली। चक्रवात के चलते 5 नवंबर तक 22 एक्सप्रेस और पैसेंजर ट्रेनें रद्द या स्थगित कर दी गई हैं। तूफान के असर से छत्तीसगढ़ का रायपुर प्रशासन अलर्ट है और गांवों में मुनादी कराई जा रही है। एनडीआरएफ की 16 टीमें राज्य में तैनात हैं, जबकि बाकी राज्यों में 39 टीमें तैनात हैं और 10 टीम रिजर्व में रखी गई हैं।
ओडिशा की डिप्टी CM प्रवति परिदा ने बताया कि रायगडा में 42 मिमी बारिश हुई है और पहाड़ी इलाकों में लैंडस्लाइड का खतरा है। आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम में भारी बारिश से धान की फसलों को नुकसान की आशंका है, जबकि प्रशासन ने 167 गांवों में बाढ़ का अलर्ट जारी किया है।
आईएमडी के अनुसार, तूफान के उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और पुडुचेरी के यानम के तट को पार करने की संभावना है, जहां हवा की अधिकतम रफ्तार 135 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। तूफान के प्रभाव से अनकापल्ली, विशाखापत्तनम, काकीनाडा और कोनसीमा जिलों में कई जगह भारी बारिश हो रही है। मछुआरों को अगले दो दिन समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

