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कलेक्टर बालागुरू के निर्देशानुसार, लोक सेवा गारंटी के तहत निर्धारित समय-सीमा में सेवाएं प्रदान नहीं करने वाले जिले के चार अधिकारियों पर जुर्माना लगाया गया है। यह कार्रवाई उन अधिकारियों के खिलाफ की गई है जिन्होंने समय-सीमा समाप्त होने के बाद भी आवेदनों का निराकरण नहीं किया। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत नागरिकों को समय पर सेवाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। इस नियम का उल्लंघन करने पर संबंधित अधिकारियों को जवाबदेह ठहराया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत पाडलिया के द्वितीय अपीलीय अधिकारी बदामी लाल माझी ने जन्म प्रमाण पत्र निर्धारित समय-सीमा में प्रदान नहीं किया। इसी प्रकार, ग्राम पंचायत सीलकंठ के राधेश्याम पंवार द्वारा मृत्यु प्रमाण पत्र और ग्राम पंचायत झाली के सुआलाल बारेला द्वारा जन्म प्रमाण पत्र भी तय समय-सीमा के भीतर उपलब्ध नहीं कराया गया। इन प्रकरणों में लापरवाही बरतने के कारण संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध लोक सेवा गारंटी अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है। लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत, प्रत्येक दोषी अधिकारी पर 250-250 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यह जुर्माना सेवा प्रदान करने में हुई देरी और नागरिक के अधिकार के हनन के लिए लगाया गया है। इस राशि को संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार जमा कराना होगा। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी सेवाएं निर्धारित समय-सीमा के भीतर नागरिकों तक पहुंचे और किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कलेक्टर बालागुरू ने संबंधित ग्राम पंचायतों के सचिवों और विभागीय पदाभिहित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अधिरोपित जुर्माने की राशि को नियमानुसार संबंधित मद में जमा कराएं। जमा कराई गई राशि की दो प्रतियां इस कार्यालय में उपलब्ध कराना अनिवार्य है।
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