वन्यजीव संरक्षण, जैव-विविधता और प्रकृति के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए आयोजित हो रहे कार्यक्रम
वन विहार राष्ट्रीय उद्यान, भोपाल में राज्य स्तरीय वन्यजीव सप्ताह 2026 के अंतर्गत वन्यजीव संरक्षण, जैव-विविधता और पर्यावरण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस वर्ष सप्ताह की थीम "जुड़े आवास, वन्यजीवन का विकास" निर्धारित की गई है। इस थीम के अनुरूप, गतिविधियों में वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक आवास के बीच संबंध, जैव-विविधता संरक्षण तथा मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व के महत्व को प्रमुखता से रेखांकित किया जा रहा है। वनकर्मियों, उनके परिवारों, विद्यालयीन और महाविद्यालयीन विद्यार्थियों, युवाओं और आम नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है। विद्यार्थियों में मध्य प्रदेश की वन्यजीव संपदा और जैव-विविधता के प्रति रुचि एवं जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से मेहंदी और पाम पेंटिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं में विद्यालयीन एवं महाविद्यालयीन विद्यार्थियों ने भाग लेकर वन्यजीवों, पक्षियों, वनस्पतियों और प्रकृति से संबंधित विषयों को अपनी कलात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम से प्रस्तुत किया। मेहंदी प्रतियोगिता में कुल 55 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जबकि पाम पेंटिंग प्रतियोगिता में 82 प्रतिभागियों ने अपनी रचनात्मकता दिखाई। वन्यजीव संरक्षण के प्रति युवाओं और विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच विकसित करने के लिए 'मध्य प्रदेश के वन्यजीव' विषय पर पाम पेंटिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतिभागियों ने पेंटिंग के माध्यम से मध्य प्रदेश के वन्यजीवों, उनके आवास और प्रकृति संरक्षण से जुड़े संदेशों को रचनात्मक रूप से प्रस्तुत किया। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य रचनात्मक कला के माध्यम से विद्यार्थियों को मध्य प्रदेश की समृद्ध वन्यजीव संपदा से परिचित कराना तथा वन्यजीव संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है। विद्यालयीन विद्यार्थियों में वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरणीय मुद्दों और मानव-वन्यजीव सह-अस्तित्व से जुड़े विषयों की समझ विकसित करने के लिए 'वाईल्ड लाईफ मूट कोर्ट' का आयोजन प्रातः 10.00 बजे से अपरान्ह 4.00 बजे तक विहार वीथिका में किया गया। मूट कोर्ट के माध्यम से विद्यार्थियों को वन्यजीव संरक्षण से जुड़े विषयों पर तार्किक चिंतन, अभिव्यक्ति और संवाद का अवसर मिला। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरणीय कानून और संरक्षण विषयों के प्रति रुचि उत्पन्न करना, वन्यजीव संरक्षण के प्रति तार्किक एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना और सार्वजनिक अभिव्यक्ति एवं संवाद कौशल को बढ़ावा देना है। वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में 5 अक्टूबर को विभिन्न जागरूकता और सहभागिता आधारित कार्यक्रम आयोजित किए गए। 'वन्यजीव पासपोर्ट' गतिविधि को आगंतुकों से उत्साहजनक प्रतिसाद प्राप्त हुआ, जिसमें कुल 303 आगंतुकों ने पंजीकरण कराया। इस गतिविधि का प्रमुख उद्देश्य वन विहार आने वाले आगंतुकों को वन्यजीव संरक्षण की विभिन्न अवधारणाओं से परिचित कराना और उन्हें संरक्षण गतिविधियों में सक्रिय सहभागी बनाना रहा। वन विहार स्थित विहार वीथिका में 'अदृश्य से मिलिए, प्रकृति पक्ष' कार्यक्रम प्रातः 7:00 बजे से 9:00 बजे तक आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का उद्देश्य प्रकृति के सूक्ष्म और कम दिखाई देने वाले पक्षों के प्रति लोगों में जिज्ञासा और संवेदनशीलता विकसित करना है। साथ ही, राज्य स्तरीय वन्यजीव सप्ताह के अंतर्गत 'रंगोली प्रतियोगिता' का आयोजन भी प्रातः 10:00 बजे से 11:30 बजे तक किया जाएगा, जिसमें प्रतिभागी रंगों और पारंपरिक कला के माध्यम से मध्य प्रदेश के वन्यजीवों और जैव-विविधता को प्रस्तुत करेंगे। वन विहार राष्ट्रीय उद्यान में 4 अक्टूबर को आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में वनकर्मियों और उनके परिवारों के लिए 'फैमिली वाइल्डलाइफ डे' का आयोजन भी किया गया। इस आयोजन में 15 परिवारों, लगभग 60 प्रकृति प्रेमियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य वनकर्मियों और उनके परिवारों के बीच वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता और सहभागिता को बढ़ावा देना तथा परिवार के सदस्यों को वन्यजीव एवं प्रकृति संरक्षण से जोड़ना रहा। कार्यक्रम में संचालक वन विहार राष्ट्रीय उद्यान विजय कुमार और सहायक संचालक वन विहार रूही हक सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

