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मध्य प्रदेश में राशन परिवहन करने वाले परिवहनकर्ताओं को अब बढ़ती ईंधन लागत से राहत मिलेगी। मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना के तहत काम करने वाले इन परिवहनकर्ताओं के लिए परिवहन दरों में वृद्धि को मंजूरी दे दी गई है। यह वृद्धि डीजल और डीजल एग्जॉस्ट फ्लूइड (डीईएफ) की कीमतों में हुई बढ़ोतरी के आधार पर की गई है। इस फैसले से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत राशन सामग्री को प्रदाय केंद्रों से उचित मूल्य दुकानों तक पहुंचाने की व्यवस्था को आर्थिक रूप से अधिक व्यावहारिक बनाने में मदद मिलेगी। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि प्रदेश में लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली और अन्य कल्याणकारी योजनाओं के तहत आवंटित राशन सामग्री के परिवहन के लिए मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना लागू की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि डीजल की दरों में वृद्धि के आधार पर परिवहन दरों में संशोधन का प्रावधान है। इसी प्रावधान के तहत, परिवहनकर्ताओं की लागत का सावधानीपूर्वक आकलन करने के बाद नई दरें निर्धारित की गई हैं। नई दरों के निर्धारण में ईंधन की कीमतों में हुई उल्लेखनीय वृद्धि को ध्यान में रखा गया है। डीजल की कीमत पहले 93.90 रुपये प्रति लीटर थी, जो बढ़कर 99.64 रुपये प्रति लीटर हो गई है। इसी तरह, डीईएफ की कीमत 77 रुपये से बढ़कर 91 रुपये प्रति लीटर हो गई है। इन बढ़ी हुई ईंधन दरों के कारण वाहनों के संचालन पर अतिरिक्त व्यय आ रहा था, जिससे परिवहनकर्ताओं को कठिनाई हो रही थी। ईंधन की इन बढ़ी हुई दरों के कारण विभिन्न सेक्टरों की परिवहन दरों में संशोधन किया गया है। प्रस्ताव के अनुसार, परिवहन व्यय में औसतन 0.6522 रुपये, यानी करीब 65 पैसे प्रति क्विंटल की वृद्धि की गई है। यह वृद्धि परिवहनकर्ताओं को बढ़ी हुई परिचालन लागत के अनुरूप भुगतान सुनिश्चित करने में सहायक होगी। परिवहन दरों में इस संशोधन का लाभ जून 2026 से दिए जाने का प्रावधान रखा गया है। इसका मतलब है कि जून 2026 से परिवहनकर्ताओं को बढ़ी हुई दरों के अनुसार भुगतान प्राप्त होगा। यह सुनिश्चित करेगा कि वे बढ़ी हुई लागतों के बावजूद राशन सामग्री का सुचारू रूप से परिवहन जारी रख सकें। दरों के संशोधन के लिए खाद्य विभाग द्वारा एक विभागीय समिति का गठन किया गया था। इस समिति ने गहन अध्ययन और विश्लेषण के बाद दरों को बढ़ाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी। परिवहन व्यय की गणना एक निर्धारित सूत्र के अनुसार की गई है, जिसमें ईंधन की खपत, तय की गई दूरी और परिवहन की जाने वाली खाद्यान्न की मात्रा जैसे महत्वपूर्ण कारकों को ध्यान में रखा गया है। खाद्य मंत्री राजपूत ने इस बात पर जोर दिया कि परिवहन दरों में संशोधन का मुख्य उद्देश्य राशन सामग्री को प्रदाय केंद्रों से उचित मूल्य दुकानों तक पहुंचाने की व्यवस्था को आर्थिक रूप से व्यावहारिक बनाए रखना है। यह कदम परिवहनकर्ताओं को वित्तीय स्थिरता प्रदान करेगा और सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दक्षता बनाए रखने में मदद करेगा। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अंतर्गत मुख्यमंत्री युवा अन्नदूत योजना के तहत अनुबंधित वाहनों के परिवहनकर्ताओं को ईंधन की बढ़ी कीमतों का भुगतान जून 2026 से किया जाएगा। यह घोषणा उन सभी परिवहनकर्ताओं के लिए एक महत्वपूर्ण राहत है जो ईंधन की बढ़ती लागतों से जूझ रहे थे।
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