कलेक्टर बालागुरु के. निर्देशानुसार, जिले में अवैध शराब के निर्माण, संग्रहण और क्रय-विक्रय के विरुद्ध आबकारी विभाग द्वारा एक विशेष प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत, आबकारी विभाग ने तीन प्रकरण दर्ज किए और बड़ी मात्रा में अवैध शराब जब्त की है। जिला आबकारी अधिकारी दीपसिंह राठौर ने बताया कि वृत्त भैरूंदा के ग्राम टिकरीखेड़ा, भीलवाखू एवं बगलीखेड़ा में आबकारी उपनिरीक्षक वृत्त बुधनी/भैरूंदा द्वारा दबिश दी गई। इस कार्रवाई के दौरान, मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 संशोधित 2000 की धारा 34(1)(क) एवं 34(1)(च) के तहत तीन प्रकरण कायम किए गए। इस दबिश में 18 लीटर हाथ भट्टी की कच्ची मदिरा और 1900 किलोग्राम महुआ लाहन जब्त किया गया। जब्त की गई मदिरा का अनुमानित बाजार मूल्य लगभग 2 लाख 26 हजार रुपये बताया गया है। यह कार्रवाई आबकारी विभाग की अवैध शराब के खिलाफ निरंतर जारी प्रयासों का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य जिले को नशीले पदार्थों से मुक्त रखना है। आबकारी विभाग की इस कार्रवाई में आबकारी उपनिरीक्षक माधव कुंडल, आबकारी आरक्षक आकाश कोरी, सत्यवान वर्मा, शिखा एवं नगर सैनिक का सराहनीय योगदान रहा। इन अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी सूझबूझ और मेहनत से अवैध शराब के कारोबार को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विभाग का यह विशेष प्रवर्तन अभियान जिले के विभिन्न गांवों में चलाया जा रहा है, ताकि अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर पूरी तरह से अंकुश लगाया जा सके। ऐसे अभियानों से न केवल अवैध शराब के कारोबार पर लगाम लगती है, बल्कि यह समाज में व्याप्त बुराइयों को दूर करने में भी सहायक सिद्ध होता है। जिले में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री को रोकने के लिए आबकारी विभाग पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। कलेक्टर बालागुरु के. स्पष्ट निर्देशों के तहत, विभाग ने इस दिशा में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। अभियान के दौरान, ग्राम टिकरीखेड़ा, भीलवाखू और बगलीखेड़ा में की गई दबिश विशेष रूप से महत्वपूर्ण रही। इन स्थानों पर अवैध शराब के निर्माण की सूचना मिलने पर, आबकारी दल ने तत्काल कार्रवाई की और बड़ी मात्रा में कच्ची मदिरा और लाहन जब्त किया। यह कार्रवाई मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत की गई है, जो अवैध शराब के कारोबार में लिप्त लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान करता है। जिला आबकारी अधिकारी दीपसिंह राठौर ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि जब्त की गई कच्ची मदिरा और लाहन का मूल्य लाखों रुपये में आंका गया है। उन्होंने यह भी बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले में अवैध शराब के उत्पादन और वितरण नेटवर्क को तोड़ना है। विभाग निरंतर ऐसे क्षेत्रों की निगरानी कर रहा है जहां अवैध शराब के निर्माण की आशंका है। यह कार्रवाई आबकारी विभाग की सक्रियता और समर्पण का प्रमाण है।
यह आंकड़ा अवैध शराब के बड़े पैमाने पर उत्पादन और बिक्री की ओर इशारा करता है। विभाग इस तरह के अवैध कारोबार को जड़ से खत्म करने के लिए कटिबद्ध है और भविष्य में भी इसी तरह की कार्रवाई जारी रखेगा।
