80 गिरफ्तारी वारंट भी तामील हुए
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर, धर्मवीर सिंह के निर्देशन में, यह कार्रवाई आदतन अपराधियों पर नकेल कसने और अपराधों को नियंत्रित करने के लिए की गई थी। इस गश्त के दौरान, पुलिस टीमों ने संवेदनशील इलाकों में विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए शहर और देहात के गली-मोहल्लों में घूमकर संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच की। कांबिंग गश्त के दौरान, पुलिस ने कुल 110 स्थाई वारंट और 80 गिरफ्तारी वारंट तामील कराए। इसके साथ ही, 134 गुण्डे और 136 हिस्ट्रीशीटरों की भी जांच की गई। पुलिस टीमों ने गुण्डों, बदमाषों और जिला बदर के आरोपियों के घरों पर जाकर उनकी जानकारी ली और उन्हें किसी भी आपराधिक गतिविधि से दूर रहने की चेतावनी दी। यदि वे किसी भी गलत काम में लिप्त पाए गए तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ग्वालियर, धर्मवीर सिंह ने स्वयं शहर में कांबिंग गश्त का जायजा लिया और पुलिस अधिकारियों को प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। इस अभियान में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मध्य/यातायात) सुजावल जग्गा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (पश्चिम/अपराध) सुमन गुर्जर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (पूर्व) शिवेश सिंह बघेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण जयराज कुबेर, और ग्वालियर पुलिस के अन्य राजपत्रित अधिकारियों ने अपने अधीनस्थ थाना प्रभारियों के साथ मिलकर यह गश्त की। इस विशेष अभियान के तहत, पुलिस ने केवल वारंटियों और आदतन अपराधियों पर ही ध्यान केंद्रित नहीं किया, बल्कि जेल से रिहा होकर आए आरोपियों की भी जांच की। इसके अतिरिक्त, संदिग्ध वाहनों और मुंह बांधे दो पहिया वाहन चालकों की भी गहनता से चेकिंग की गई। बैंक एटीएम, होटल, लॉज, धर्मशाला और ढाबों जैसे सार्वजनिक स्थानों की भी जांच की गई ताकि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि का पता लगाया जा सके।

