सीहोर जिले के कोसमी गांव में आदिवासियों का विरोध प्रदर्शन पांचवें दिन भी जारी रहा। बुधवार को मामले की जांच और धरना खत्म कराने के लिए कलेक्टर और कमिश्नर मौके पर पहुंचे, लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। पीड़ित परिवार ने अधिकारियों की पंचायत में जाने से साफ इनकार कर दिया और कहा कि जिसे बात करनी है, वह धरना स्थल पर आए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो गुरुवार सुबह 8 बजे 10 से 15 हजार लोग पैदल मार्च करते हुए भोपाल स्थित मुख्यमंत्री आवास जाएंगे और अपनी बात मुख्यमंत्री के सामने रखेंगे। अधिकारियों की समझाइश के बावजूद दो लोग ग्राम पंचायत पहुंचे और वहां कलेक्टर व कमिश्नर के सामने अपनी बात रखी। हालांकि, इन वार्ताओं से भी विवाद का समाधान नहीं निकल सका। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्रशासन उनकी मांगों पर अब तक कोई संतोषजनक जवाब या स्पष्ट आश्वासन नहीं दे पाया है। इसी वजह से उन्होंने भोपाल कूच करने की चेतावनी दी है। प्रदर्शनकारियों के अनुसार, मांगें पूरी नहीं होने पर बड़ी संख्या में लोग पैदल मार्च करते हुए मुख्यमंत्री आवास तक पहुंचेंगे। कमिश्नर ने बताया कि वे शासन की ओर से मामले की जांच करने आए हैं। उन्होंने प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर लोगों से चर्चा की है। सभी पक्षों के तथ्यों की जांच के बाद रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी जाएगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई होगी। कमिश्नर ने अतिक्रमण से जुड़े पहलुओं की भी जानकारी जुटाई है, जिसमें यह पता लगाया जा रहा है कि संबंधित लोगों के पास गांव में रहने के लिए दूसरी जगह है या वे उसी अतिक्रमित जमीन पर निर्भर हैं। यह घटना तब हुई जब 11 अक्टूबर को सीहोर के कोसमी गांव में आदिवासियों के 12 मकान तोड़े गए थे। इस मामले में राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने मध्य प्रदेश सरकार को नोटिस जारी किया है। शिवराज सिंह चौहान ने इसे अपने क्षेत्र में जुल्म और अन्याय की इंतिहा बताया था।
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आदिवासी 15 हजार लोगों संग CM हाउस जाएंगे
14 अक्टूबर 2026 को 11:19 pm बजे
