सीहोर में आंदोलन 15 दिनों के लिए रुका
सीहोर में जनभागीदारी मामले में प्रशासन द्वारा लिखित जांच का आश्वासन दिए जाने के बाद एनएसयूआई ने अपनी भूख हड़ताल 15 दिनों के लिए स्थगित कर दी है। यह निर्णय गुरुवार को लिया गया, जिससे आंदोलन फिलहाल थम गया है। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष हरिओम सिसोदिया ने स्पष्ट किया कि यह स्थगिती प्रशासन के आश्वासन पर आधारित है, लेकिन यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्रवाई नहीं होती है, तो वे फिर से भूख हड़ताल शुरू करने के लिए तैयार हैं। भूख हड़ताल को समाप्त कराने के लिए कांग्रेस जिला अध्यक्ष राजीव गुजराती स्वयं धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने एनएसयूआई जिलाध्यक्ष हरिओम सिसोदिया और अन्य कार्यकर्ताओं को जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया। इस दौरान एनएसयूआई और कांग्रेस के कई कार्यकर्ता भी मौजूद रहे, जिन्होंने आंदोलन को अपना समर्थन दिया। राजीव गुजराती ने कहा कि वरिष्ठ कांग्रेसजनों ने भी आंदोलन को समर्थन देने के लिए धरना स्थल का दौरा किया। राजीव गुजराती ने हरिओम सिसोदिया और यश यादव को जूस पिलाकर उनका अनशन समाप्त कराया। इस अवसर पर एनएसयूआई और कांग्रेस के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक छात्रों के हितों से जुड़ा न्यायपूर्ण समाधान नहीं निकल आता। एनएसयूआई की भूख हड़ताल को 15 दिनों के लिए स्थगित किया गया है। यह फैसला सीहोर में लिया गया, जहां प्रशासन ने लिखित में जांच का आश्वासन दिया। इस आश्वासन के बाद, एनएसयूआई ने आंदोलन को कुछ समय के लिए रोक दिया है। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष हरिओम सिसोदिया ने कहा है कि छात्रों के हित में न्यायपूर्ण कार्रवाई होने तक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि प्रशासन द्वारा वादे के अनुसार कार्रवाई नहीं की गई, तो वे वापस भूख हड़ताल पर बैठेंगे। यह आंदोलन जनभागीदारी मामले से जुड़ा हुआ है।

