भोपाल में 12 अक्टूबर से शुरू हो रहे 'अंतरराष्ट्रीय श्रीरामलीला उत्सव' का शुभारंभ मुख्यमंत्री मोहन यादव करेंगे। संस्कृति मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने बताया कि यह उत्सव न सिर्फ लीला प्रदर्शन तक सीमित रहेगा, बल्कि विविध कला विधाओं के माध्यम से श्रीरामकथा के प्रसंगों को प्रदर्शित करेगा। यह आयोजन 12 से 14 अक्टूबर तक चलेगा, जिसमें 10 से अधिक कला और विधाओं में प्रसंग प्रस्तुत किए जाएंगे। उत्सव का केंद्रीय विषय ‘रामायणकालीन पारिस्थितिकी तंत्र’ है, जिसमें भारतीय शास्त्रीय नृत्य शैलियों में रामकथा के प्रसंग पहली बार प्रदर्शित होंगे। उत्सव का उद्घाटन सत्र 12 अक्टूबर को शाम 5 बजे रविंद्र भवन के अंजनी सभागार में होगा। इस दौरान नृत्य की संरचनाओं, भाव-भंगिमाओं और पारंपरिक संगीत के साथ राम जन्म से लेकर राज्याभिषेक तक के प्रसंग दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देंगे। उत्सव में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र नई दिल्ली, दक्षिण मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र नागपुर और भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद नई दिल्ली का भी सहयोग प्राप्त हो रहा है। कार्यक्रमों की श्रृंखला में 12 अक्टूबर को जवाहरलाल नेहरू मणिपुर नृत्य अकादमी इंफाल के कलाकार मणिपुरी नृत्य शैली में नारद मोह, श्रीराम जन्म, विद्या अभ्यास एवं ताड़वा वध का मंचन करेंगे। वहीं, 14 अक्टूबर को सत्रिया केंद्र गुवाहाटी के कलाकार सत्रिया नृत्य शैली में अहल्या उद्धार, पुष्प वाटिका, सीता स्वयंवर एवं लक्ष्मण परशुराम संवाद प्रस्तुत करेंगे। विदेशी विद्वान और कलाकार भी इस उत्सव में शिरकत करेंगे। ऑस्ट्रेलिया से आईं शोधकर्ता मित्रा देसाई मुख्य वक्ता होंगी, जबकि पवन सिंह आजमगढ़ भी वक्ता के रूप में उपस्थित रहेंगे। पद्मश्री भगवातीलाल राजपुरोहित अध्यक्षता करेंगे, और प्रबुद्ध विचारक इंद्रेश कुमार, संस्कृति मंत्री लोधी एवं संगीत नाटक अकादमी नई दिल्ली की अध्यक्ष संध्या पुरेचा भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगी। भोपाल के अलावा, यह उत्सव ओरछा और चित्रकूट में भी आयोजित किया जाएगा।
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मुख्यमंत्री मोहन यादव 12 अक्टूबर से भोपाल में अंतरराष्ट्रीय श्रीरामलीला उत्सव का शुभारंभ करेंगे
7 अक्टूबर 2026 को 11:25 pm बजे
