अवैध शराब कारोबार से जुड़े 10 आरोपियों से 7 लाख 25 हजार का मशरूका जब्त
जिले के चंदाना गांव में दो लोगों की मौत के मामले की जांच के दौरान सामने आए अवैध शराब बिक्री के आरोपों के बीच देवास पुलिस ने शराब माफिया विनोद जायसवाल को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने अवैध शराब के कारोबार से जुड़े कुल 10 आरोपियों को पकड़ा है। जब्त की गई सामग्री में 54 लीटर देशी शराब, एक कार, 10 मोबाइल फोन और 10 हजार रुपए नकद सहित करीब 7 लाख 25 हजार रुपए का मशरूका शामिल है। पुलिस के अनुसार, 15 और 18 अक्टूबर को ग्राम चंदाना में दो व्यक्तियों की मौत की सूचना जिला अस्पताल से मिलने के बाद थाना सिविल लाइन में मर्ग कायम कर जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान मृतकों के परिजनों और अन्य ग्रामीणों के बयान दर्ज किए गए। इन बयानों में चंदाना निवासी विनोद जायसवाल द्वारा गांव में अवैध रूप से शराब बेचने की जानकारी सामने आई। पुलिस के मुताबिक, घटना के बाद से विनोद जायसवाल फरार चल रहा था, जिसके बाद उसकी तलाश तेज कर दी गई थी। 26 अक्तृबर को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि विनोद अपने साथियों के साथ कहीं जाने वाला है। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने शहर के विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर नाकाबंदी की। प्रताप नगर-अंबेडकर नगर क्षेत्र में एक सफेद रंग की कार को रोकने का प्रयास किया गया। पुलिस को देखकर कार सवारों ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस टीम ने तुरंत घेराबंदी कर कार को रोक लिया और तीन लोगों को पकड़ लिया। पूछताछ में उनकी पहचान विनोद जायसवाल, अजय राठौर और रामेश्वर सोनगरा के रूप में हुई। कार की तलाशी लेने पर डिक्की से देशी शराब की छह पेटियां मिलीं। पुलिस ने इन तीनों के खिलाफ शराब जब्त कर कोतवाली थाने में आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया। यह कार्रवाई अवैध शराब के नेटवर्क को तोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। पूछताछ के दौरान, पकड़े गए आरोपियों ने सत्येंद्र ओझा, नितिन सोलंकी, चंद्रशेखर बैरागी, राजदेव, जुगल सिंह, राजेंद्र निनामा और विशाल चौहान के साथ मिलकर अवैध शराब बेचने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने अलग-अलग टीमें गठित कर इन अन्य आरोपियों की धरपकड़ के लिए कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने इन सभी के खिलाफ भी कार्रवाई करते हुए कुल 10 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में कुछ वाइन शॉप के कर्मचारी भी शामिल बताए जा रहे हैं। मामले में आगे की विवेचना जारी है और पुलिस अवैध शराब की बिक्री से जुड़े अन्य पहलुओं की भी गहराई से जांच कर रही है।
