नरसिंहपुर जिले में कानून व्यवस्था को बिगाड़ने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ प्रशासन की सख्ती जारी है। 10 गंभीर आपराधिक मामलों में संलिप्त आरोपी सलमान खान को मध्य प्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 के तहत एक वर्ष के लिए जिला बदर किया गया है। कलेक्टर रजनी सिंह ने स्पष्ट किया कि जिले में शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है
मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले से एक बड़ी प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई सामने आई है, जहाँ जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने और अपराधों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से प्रशासन ने एक कड़ा कदम उठाया है। नरसिंहपुर जिले में कुल 10 गंभीर आपराधिक मामलों में संलिप्त एक आरोपी को जिला बदर घोषित कर दिया गया है। जिला प्रशासन द्वारा उठाए गए इस सख्त कदम के तहत आरोपी को आगामी एक वर्ष के लिए नरसिंहपुर जिले की राजस्व सीमाओं के साथ-साथ कुछ अन्य निर्धारित जिलों से भी बाहर जाने का स्पष्ट आदेश दिया गया है। इस पूरी कार्रवाई को प्रशासनिक अमले और पुलिस विभाग की संयुक्त रिपोर्ट के आधार पर अंजाम दिया गया है, ताकि आम नागरिकों की सुरक्षा और कानून का राज सुनिश्चित किया जा सके। प्रशासनिक आदेश और कानूनी प्रावधानों के तहत, नरसिंहपुर जिले की कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी रजनी सिंह ने इस संबंध में शनिवार को एक आधिकारिक आदेश जारी किया। इस आदेश के माध्यम से उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले में कानून व्यवस्था को बिगाड़ने वाले असामाजिक तत्वों और अपराधियों के खिलाफ प्रशासन किसी भी प्रकार की नरमी बरतने के मूड में नहीं है। यह संपूर्ण कार्रवाई मध्य प्रदेश राज्य सुरक्षा अधिनियम, 1990 की धारा 5 (क) के प्रावधानों के अंतर्गत की गई है। इस अधिनियम के तहत जिला प्रशासन को यह अधिकार प्राप्त है कि वह ऐसे अपराधियों को जिले से बाहर का रास्ता दिखा सके, जिनकी आपराधिक गतिविधियां लगातार समाज की शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन चुकी हों। प्रशासनिक स्तर पर जारी किए गए इस आदेश के बाद से ही जिले के आपराधिक हलकों में हड़कंप मच गया है और इसे पुलिस व प्रशासन की एक बड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। जिला प्रशासन द्वारा जारी किए गए इस आदेश के केंद्र में जिस व्यक्ति का नाम है, उसकी पहचान सलमान खान के रूप में हुई है। आरोपी सलमान खान के पिता का नाम अजीम खान है। आधिकारिक दस्तावेजों और पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, यह व्यक्ति मूल रूप से मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले के अंतर्गत आने वाले ग्राम मगरधा का रहने वाला है। उसका यह निवास स्थान थाना स्टेशनगंज के क्षेत्राधिकार के अंतर्गत आता है। ग्राम मगरधा के निवासी सलमान खान पर लंबे समय से स्थानीय पुलिस की पैनी नजर थी, क्योंकि उसकी आपराधिक संलिप्तता लगातार बढ़ती जा रही थी। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इस व्यक्ति का नाम कई गैर-कानूनी और समाज विरोधी गतिविधियों में बार-बार सामने आया था, जिसके कारण स्थानीय निवासियों में भी भय और असुरक्षा का माहौल उत्पन्न हो रहा था। नरसिंहपुर पुलिस द्वारा प्रस्तुत किए गए विस्तृत डोजियर और रिकॉर्ड के मुताबिक, सलमान खान के खिलाफ पिछले कुछ वर्षों में ताबड़तोड़ कई आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2020 से लेकर वर्ष 2025 के बीच के महज पांच वर्षों के अंतराल में इस आरोपी के विरुद्ध कुल 10 आपराधिक मामले दर्ज हो चुके हैं। इन दर्ज मामलों की प्रकृति बेहद गंभीर है, जो यह दर्शाती है कि आरोपी विभिन्न प्रकार के अपराधों में सक्रिय रूप से संलिप्त रहा है। पुलिस रिकॉर्ड में जिन प्रमुख अपराधों का उल्लेख किया गया है, उनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित शामिल हैं: मारपीट, अवैध शराब परिवहन, कोलाहल अधिनियम का उल्लंघन, वाहन चोरी, और मादक पदार्थ (स्मैक) की बिक्री। इन तमाम अलग-अलग श्रेणियों के गंभीर अपराधों ने पुलिस और प्रशासन को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि इस व्यक्ति के खिलाफ सामान्य कानूनी कार्रवाई के अलावा कोई कठोर प्रशासनिक कदम उठाया जाना अत्यंत आवश्यक है। पुलिस रिकॉर्ड में सलमान खान के खिलाफ दर्ज कुछ प्रमुख अपराधों में आम नागरिकों और अन्य व्यक्तियों के साथ मारपीट करने और शारीरिक हिंसा फैलाने के मामले शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, आबकारी कानूनों का उल्लंघन करते हुए अवैध रूप से शराब का परिवहन और व्यापार करने की गतिविधियां भी उसके खिलाफ दर्ज की गई हैं। कोलाहल अधिनियम का उल्लंघन करते हुए ध्वनि प्रदूषण और नियमों के विरुद्ध जाकर अशांति फैलाने से जुड़े मामले भी उसके खाते में हैं। वाहन चोरी की घटनाओं में संलिप्तता भी उसके खिलाफ एक गंभीर आरोप है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि वह युवाओं को बर्बादी की ओर धकेलने वाले अवैध मादक पदार्थों, विशेष रूप से स्मैक जैसे खतरनाक ड्रग्स की खरीद-फरोख्त और तस्करी के मामलों में भी लिप्त पाया गया है। इन सभी गंभीर अपराधों ने पुलिस और प्रशासन को उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई के लिए प्रेरित किया। लगातार सामने आ रहे मामलों और एक के बाद एक अपराधों में संलिप्तता को देखते हुए स्थानीय पुलिस थाना स्टेशनगंज और जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा एक मजबूत प्रस्ताव तैयार किया गया। पुलिस विभाग ने इस बात का बारीकी से विश्लेषण किया कि आरोपी सलमान खान अपनी आदतों में सुधार लाने के बजाय बार-बार आपराधिक कृत्यों को अंजाम दे रहा है। पुलिस की ओर से यह तर्क दिया गया कि यदि इस व्यक्ति को खुले में रहने दिया गया, तो यह भविष्य में और भी बड़े अपराधों को अंजाम दे सकता है और गवाहों या पीड़ितों को प्रभावित कर सकता है। इसी आधार पर, पुलिस ने तमाम कानूनी औपचारिकताओं को पूरा करते हुए जिला कलेक्टर के समक्ष सलमान खान को जिला बदर किए जाने का औपचारिक प्रस्ताव भेजा था। इस प्रस्ताव में पिछले पांच वर्षों के दौरान दर्ज सभी 10 मामलों की सूची और उनकी चार्जशीट का विवरण भी संलग्न किया गया था, ताकि प्रशासन के पास निर्णय लेने के लिए पुख्ता आधार मौजूद हो। पुलिस ने यह भी रेखांकित किया कि सलमान खान की आपराधिक गतिविधियां न केवल व्यक्तिगत रूप से हानिकारक हैं, बल्कि वे पूरे समुदाय की सुरक्षा और शांति के लिए भी एक बड़ा खतरा पैदा करती हैं। इसलिए, उसे जिले से बाहर निकालना जनहित में आवश्यक समझा गया। इस प्रस्ताव को कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी रजनी सिंह ने गंभीरता से लिया और सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद जिला बदर का आदेश जारी किया। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी द्वारा जारी किए गए आदेश में एक बहुत ही सख्त समय-सीमा निर्धारित की गई है।

