विकास प्राधिकरण ने लीज उल्लंघन मामले में की कार्रवाई
उज्जैन के महाकाल मंदिर के समीप बेगमबाग कॉलोनी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई लगातार जारी है। विकास प्राधिकरण ने तीन प्लाटों पर बने 10 स्ट्रक्चर को ढहा दिया। बीते डेढ़ साल में यह सातवीं बड़ी कार्रवाई थी, जिसके बाद अब हरिफाटक ब्रिज के समानांतर एक नए पुल का निर्माण किया जाएगा। यह पुल महाकाल मंदिर जाने वाले प्रमुख मार्गों में से एक है। विकास प्राधिकरण के संपदा अधिकारी जीवन मोगी ने बताया कि यह कार्रवाई लीज के नियमों के उल्लंघन के मामले में की गई है। उन्होंने कहा कि ब्रिज निर्माण कार्य में बाधा बन रहे 10 निर्माणों को हटाया जा रहा है। अब तक कुल 88 अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की जा चुकी है और शेष पर भी जल्द ही कार्रवाई होगी। दरअसल, सालों पहले उज्जैन विकास प्राधिकरण (यूडीए) ने इस इलाके को आवासीय क्षेत्र के तौर पर विकसित किया था। उस समय करीब 2400 वर्गफीट के 90 भूखंड लोगों को आवंटित किए गए थे। लेकिन भूखंड मालिकों ने प्राधिकरण के नियमों को ताक पर रखकर इन पर होटल और दुकानें बना दीं, जिससे पूरा क्षेत्र व्यावसायिक हो गया। इसके अलावा, भूमि मालिकों ने समय पर लीज की राशि भी जमा नहीं की। इन उल्लंघनों को देखते हुए उज्जैन विकास प्राधिकरण ने इस पूरे इलाके को अवैध घोषित कर दिया था। भूमि और भवन मालिकों ने करीब 15 साल तक कानूनी लड़ाई लड़ी, लेकिन 2025 के बाद से लगभग सभी मामलों में अदालतों ने विकास प्राधिकरण के पक्ष में ही फैसला सुनाया है। अदालती फैसलों के बाद, विकास प्राधिकरण अब सभी अवैध भवनों को ध्वस्त करने में जुटा है। प्राधिकरण की भूमि मुक्त होने के बाद, जिला प्रशासन ने हरिफाटक ब्रिज के समानांतर नए पुल के निर्माण का कार्य भी शुरू कर दिया है। यह पुल सिंहस्थ 2028 की तैयारियों का भी हिस्सा है। सिंहस्थ 2028 के लिए उज्जैन को तैयार किया जा रहा है। इसके तहत पुल-पुलियों के निर्माण के साथ-साथ शहर में आने वाली बाहरी और आंतरिक सड़कों तथा चौक-चौराहों को चौड़ा करने का काम भी जारी है। इसी योजना के मद्देनजर महाकाल मंदिर के पास बेगमबाग से 10 और अवैध मकानों को हटाया गया है। इस अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। रोड पर बार-बार जाम की स्थिति बनी रही, जिससे लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील की है। संपदा अधिकारी जीवन मोगी ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई केवल उन ढांचों पर की जा रही है जो सीधे तौर पर ब्रिज निर्माण में बाधा डाल रहे हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि नियमों का पालन करने वाले अन्य निर्माणों को छेड़ा नहीं जाएगा। प्राधिकरण का लक्ष्य सिंहस्थ से पहले शहर को अतिक्रमण मुक्त और सुगम बनाना है। बेगमबाग कॉलोनी के बाद, शहर के अन्य चिन्हित क्षेत्रों में भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने सभी नागरिकों से अवैध निर्माणों को स्वयं हटाने की अपील की है। अतिक्रमण हटाने की इस कार्रवाई से शहर के सौंदर्यीकरण और यातायात प्रबंधन में सुधार की उम्मीद है। नए पुल के निर्माण से महाकाल मंदिर तक पहुंच आसान होगी और सिंहस्थ के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी।

