कूनो में चीता शावक की गोली मारकर हत्या: 10 वनकर्मी निलंबित, 3 गिरफ्तार
भोपाल: मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से सटे इलाकों में मादा चीता निर्वा के 19 महीने के शावक की गोली मारकर हत्या के मामले ने प्रशासन को हिला दिया है। निगरानी और ट्रैकिंग में भारी लापरवाही सामने आने के बाद वन विभाग के दो रेंजर, डिप्टी रेंजर समेत करीब 10 अधिकारी-कर्मचारियों को निलंबित कर दिया गया है। इस घटना के संबंध में 7 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जबकि हथियारों के साथ 3 संदिग्ध शिकारियों को गिरफ्तार किया गया है। शुक्रवार को घटनास्थल का मुआयना करने पहुंचे कूनो के मुख्य वन संरक्षक (सीसीएफ) उत्तम कुमार शर्मा ने श्योपुर और मुरैना जिले के जिम्मेदार वनकर्मियों पर निलंबन की कार्रवाई के निर्देश दिए। निलंबित कर्मचारियों में मुरैना के पहाड़गढ़ सामान्य रेंज के रेंजर आकाश तोमर, श्योपुर दक्षिण वन रेंज के रेंजर जहार सिंह गौर, डिप्टी रेंजर कीर्तिराम शर्मा और कन्हार वन चौकी के नाकेदार दिनेश कुमार शर्मा सहित ट्रैकिंग व निगरानी टीम के सदस्य शामिल हैं। श्योपुर इलाके से तीन शिकारियों को अवैध हथियारों सहित दबोचे जाने की भी खबर है। जांच में यह बात सामने आई कि जिस नितनमास गांव में घायल चीता मिला था, उससे करीब 14 किलोमीटर दूर काला खेत के जंगलों में भी चीते के खून के निशान मिले थे। इससे यह स्पष्ट होता है कि गोली लगने के बाद घायल चीता कई किलोमीटर तक दर्द में भटकता रहा, लेकिन इलाके के गश्ती दल और ट्रैकिंग टीम को इसकी भनक तक नहीं लगी। मैदानी अमले का दावा है कि पहले कूनो प्रबंधन चीते की गतिविधियों की सूचना दे देता था, पर इस बार कोई अलर्ट नहीं मिला। चीता शिकार की जांच के सिलसिले में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ), पुलिस और वन विभाग की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। श्योपुर के मढ़ा और नितनमास गांवों से करीब 25 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

