दमोह में निशुल्क प्री एग्रीकल्चर टेस्ट कोचिंग की कक्षाएं 05 अक्टूबर से शुरू होंगी
दमोह जिले में कृषि की उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कलेक्टर प्रताप नारायण यादव के निर्देशन में 'समर्पण निशुल्क प्री एग्रीकल्चर टेस्ट (पीएटी) कोचिंग' की शुरुआत की जा रही है। यह पहल उन गरीब किसानों के बच्चों के लिए वरदान साबित होगी जो इंदौर जैसे बड़े शहरों में महंगी कोचिंग का खर्च वहन नहीं कर सकते। इस निशुल्क कोचिंग का आयोजन शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दमोह के कक्ष क्रमांक 24 में सुबह 8:00 बजे से 10:30 बजे तक किया जाएगा। नोडल अधिकारी जेएल। प्रजापति, जो सहायक संचालक कृषि दमोह एवं अनुविभागीय कृषि अधिकारी भी हैं, ने बताया कि दमोह मूल रूप से एक कृषि प्रधान जिला है। यहां के किसानों के बच्चों को कृषि विश्वविद्यालयों में उच्च शिक्षा के अवसर प्रदान करने के लिए यह विशेष प्रयास किया जा रहा है। विगत वर्षों में इस निशुल्क कोचिंग की सफलता को देखते हुए, कलेक्टर के मार्गदर्शन में इसे पुनः शुरू करने का निर्णय लिया गया है। इच्छुक विद्यार्थी 01 अक्टूबर से 05 अक्टूबर तक अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। आवेदन जमा करने के लिए विद्यार्थी या तो ऑनलाइन माध्यम का उपयोग कर सकते हैं या फिर उपसंचालक कृषि कार्यालय दमोह के कक्ष क्रमांक 70 में जाकर आवेदन पत्र प्राप्त कर जमा कर सकते हैं। यह प्रक्रिया उन विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण है जो कृषि क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहते हैं। यह निशुल्क कोचिंग उन विद्यार्थियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुई है जिन्होंने पिछले शिक्षण सत्रों में सफलता प्राप्त की है। शिक्षण सत्र 2025-26 में 06 विद्यार्थियों का चयन शासकीय कृषि विश्वविद्यालयों के विभिन्न कृषि महाविद्यालयों में हुआ था।
