उज्जैन के पांच थानों की रैंकिंग CM हेल्पलाइन की शिकायतों के समय पर निराकरण न होने के कारण बी श्रेणी में पहुंच गई है। चिमनगंज, अजाक, कोतवाली, खाराकुआं और माधवनगर थानों के पुलिसकर्मियों को इस लापरवाही के चलते एसपी प्रदीप शर्मा ने परेड की सजा सुनाई है। शुक्रवार को इन पांचों थानों के पूरे स्टाफ को परेड करनी होगी। दरअसल, CM हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों का तय समयसीमा में समाधान करने के लिए एसपी ने पुलिस लाइन से थानों को अतिरिक्त इंस्पेक्टर भी उपलब्ध कराए थे, ताकि कोई भी शिकायत लंबित न रहे। इसके बावजूद इन पांच थानों में शिकायतें पेंडिंग रहने से उनकी रैंकिंग बी श्रेणी में बनी हुई है, जबकि शहर के अधिकांश थाने ए श्रेणी में अपनी जगह बनाए हुए हैं। CM हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों के मामले में चिमनगंज थाना, अजाक थाना, कोतवाली थाना, खाराकुआं थाना और माधवनगर थाना सबसे पिछड़े साबित हुए हैं। इन थानों में कई शिकायतों का समाधान तो कर दिया गया, लेकिन शेष बची हुई लंबित शिकायतों के कारण इन्हें बी श्रेणी में रखा गया है। एसपी प्रदीप शर्मा ने इस मामले में केवल थाना प्रभारियों को ही जवाबदेह नहीं ठहराया, बल्कि संबंधित थानों के पूरे स्टाफ को भी इस लापरवाही का भागीदार मानते हुए परेड की सजा सुनाई है। यह कदम शिकायतों के त्वरित निराकरण के प्रति पुलिस विभाग की गंभीरता को दर्शाता है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, CM हेल्पलाइन की शिकायतों का तेजी से और निर्धारित समयसीमा में निराकरण कराने के प्रयास लगातार जारी हैं।
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CM हेल्पलाइन शिकायतों में लापरवाही: उज्जैन के पांच थानों के स्टाफ को एसपी ने सुनाई परेड की सजा
4 नवंबर 2026 को 11:05 pm बजे
