हड़ताल के कारण 400 से अधिक वाहन खड़े, दीपावली पर भी जारी रहने की चेतावनी
मध्य प्रदेश में दीपावली से ठीक पहले सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण राजधानी भोपाल सहित पूरे प्रदेश में कूड़ा उठाने का काम ठप हो गया है। अपनी मांगों को लेकर हज़ारों कर्मचारी काम पर नहीं लौटे, जिससे आवासीय इलाकों और बाज़ारों में कूड़े का ढेर लग गया है। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों की मांग है कि उनका मासिक वेतन ₹25,000 किया जाए, उन्हें स्थायी नौकरी और सरकारी कर्मचारी का दर्जा मिले, साथ ही अनुबंध प्रणाली को समाप्त किया जाए। उन्होंने अनुकंपा नियुक्ति लाभ की भी मांग की है। कर्मचारी नेताओं का दावा है कि राज्य भर में एक लाख से अधिक सफाई कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों को पूरा नहीं किया तो यह हड़ताल अनिश्चित काल तक जारी रहेगी। हड़ताल के कारण पूरे शहर की सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। भोपाल में हर दिन करीब 850 टन कूड़ा उत्पन्न होता है, जिसे उठाने के लिए 400 से अधिक वाहन लगाए गए हैं। ये वाहन घरों और बाज़ारों से कचरा उठाकर 17 ट्रांसफर स्टेशनों तक ले जाते हैं, जहाँ से इसे आदंपुर छावनी निपटान स्थल पर भेजा जाता है। सफाई कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष मगनलाल झांझोट ने बताया कि बुधवार को मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रमुख सचिव मनोज दुबे के साथ उनकी बैठक निर्धारित थी। उन्होंने कहा कि जब तक बातचीत से कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकलता, तब तक कर्मचारी काम पर नहीं लौटेंगे। यदि सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं देती है, तो दीपावली के दौरान भी कूड़ा उठाने और सड़कों की सफाई का काम निलंबित रहेगा। इस हड़ताल के चलते भोपाल में कूड़ा संग्रहण पूरी तरह से रुक गया है। सड़कों पर कूड़े के ढेर जमा होने लगे हैं, जिससे जनजीवन अस्त- व्यस्त हो गया है। नागरिकों ने इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने मंगलवार को जहांगीराबाद चौराहे को लगभग दो घंटे तक अवरुद्ध कर दिया, जिससे यातायात बाधित हुआ। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मुख्यमंत्री निवास की ओर मार्च करने से रोकने के लिए बैरिकेड्स लगा दिए थे। मंगलवार को प्रदर्शनकारियों ने शहर के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने रात भर शाहजहानी पार्क में डेरा डाले रखा और अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की। यह स्थिति तब है जब सत्तारूढ़ दल कथित तौर पर स्कूलों को बंद करवाकर रैलियां आयोजित कर रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी जायज मांगों को अनसुना किया जा रहा है, जबकि सरकार अन्य आयोजनों में व्यस्त है। संघ के अनुसार, प्रदेश भर की 16 नगर निगमों और 374 नगर परिषदों के कर्मचारी इस हड़ताल में शामिल हुए हैं। यह हड़ताल भोपाल की सफाई व्यवस्था के लिए एक गंभीर चुनौती पेश कर रही है।

