केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे के मद्देनजर राज्य सरकार ने जुटाई थी जानकारी
नवाब हमीदुल्ला खां की 5 हजार करोड़ की संपत्तियों का मूल्यांकन जारी, 1500 एकड़ जमीन पर नजर
माना जा रहा है कि आगामी 30 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में इस मामले की अहम सुनवाई होनी है। इससे नीलामी का रास्ता साफ हो सकता है। इस सुनवाई के बाद केंद्र से हरी झंडी मिलते ही 3 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य वाली संपत्तियों की नीलामी का रास्ता साफ हो जाएगा। यह एक बड़ी वित्तीय कार्रवाई होगी। नवाब हमीदुल्ला खां की संपत्तियों की पहचान करने के लिए भोपाल कलेक्टर ने एक विशेष समिति का गठन किया है। इस समिति को तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपनी होगी। भोपाल सहित राज्य के 12 जिलों में मौजूद इन संपत्तियों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेज दी गई है। यह रिपोर्ट आगे की कार्रवाई के लिए महत्वपूर्ण है।
भोपाल रियासत के नवाब हमीदुल्ला खां की संपत्तियों पर कार्रवाई तेज हो गई है। प्रशासन ने इन शत्रु संपत्तियों की पहचान और मूल्यांकन का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया है। भोपाल कलेक्टर द्वारा गठित विशेष समिति को तीन महीने में अपनी सर्वे रिपोर्ट सौंपनी होगी। प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार, भोपाल में नवाब हमीदुल्ला खां की संपत्तियों की कुल कीमत करीब 5 हजार करोड़ रुपये आंकी गई है। अकेले भोपाल में नवाब के नाम पर लगभग 1500 एकड़ निजी जमीन दर्ज है। इस जमीन का एक बड़ा हिस्सा, करीब 30 से 35 प्रतिशत, शत्रु संपत्ति के दायरे में आ सकता है। खसरा नंबर 42 में दर्ज 3.40 हेक्टेयर की बेशकीमती जमीन का अनुमानित मूल्य 95.22 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे के मद्देनजर राज्य सरकार ने शत्रु संपत्तियों की जिलावार जानकारी जुटानी शुरू की थी। इस कार्रवाई के तहत, भोपाल सहित राज्य के 12 जिलों में मौजूद इन संपत्तियों की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेज दी गई है। इनमें से 10 जिलों में कस्टोडियन और सरकारी संपत्तियों का सत्यापन पूरा हो चुका है, जबकि भोपाल और मंडला में यह काम अभी जारी है। जिला प्रशासन ने इन जमीनों पर फिलहाल किसका कब्जा है, इसका पूरा ब्योरा तैयार कर लिया है और यह स्टेटस केंद्र सरकार को भेज दिया गया है। सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इन शत्रु संपत्तियों का मूल्यांकन मौजूदा बाजार दर, सर्किल रेट और हाल ही में हुए लेन-देन के आधार पर किया जाए। इसी कार्रवाई के तहत कोहेफिजा इलाके में स्थित 'रियाज मंजिल' को सरकारी कब्जे में लेने की तैयारी शुरू कर दी गई है। इसे लेकर सहायक अभिरक्षक (एसडीएम बैरागढ़) की ओर से बाकायदा नोटिस भी जारी कर दिया गया है।
कस्टोडियन और सरकारी संपत्तियों का सत्यापन 10 जिलों में पूरा कर लिया गया है। भोपाल और मंडला में यह काम अभी जारी है, जो जल्द ही पूरा होने की उम्मीद है।
