रग्गा अहिरवार पर ₹3,000 का इनाम घोषित था
पुलिस ने इस मामले में मुख्य आरोपी रग्गा उर्फ रघुराज अहिरवार को ग्वालियर जेल से गिरफ्तार कर लिया है। रग्गा पर ₹3,000 का इनाम घोषित था और वह पहले से ही एक अन्य दुराचार तथा पॉक्सो एक्ट के मामले में ग्वालियर जेल में सजा काट रहा था। पुलिस ने जांच के दौरान पाया कि रग्गा ने किशोरी का अपहरण झांसी रेलवे स्टेशन से किया था। जांच में यह भी सामने आया कि किशोरी को झांसी निवासी जितेंद्र प्रजापति को भारी रकम में बेचा गया था। जितेंद्र और उसकी मां अंगूरी बाई को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। पुलिस ने आधार अपडेट से मिली लोकेशन के आधार पर किशोरी को ग्वालियर जिले के ग्राम मवई से बरामद किया। आधार कार्ड अपडेट के समय से पुलिस को किशोरी के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इस मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने किशोरी के परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज किया था और आरोपी की तलाश शुरू की थी। रग्गा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने किशोरी को सुरक्षित बरामद किया और उसे उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। यह मामला मानव तस्करी के एक बड़े गिरोह से जुड़ा हुआ है, जिसने किशोरी का अपहरण कर उसे बेचने का काम किया। इस गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका तिवारी ने बताया कि नाबालिग की तस्करी में शामिल मुख्य आरोपी रग्गा पर ₹3,000 का इनाम घोषित किया गया था। यह आरोपी कई अन्य मामलों में भी शामिल रहा है और पुलिस उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी। इस मामले ने मानव तस्करी के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता को और अधिक महत्वपूर्ण बना दिया है। पुलिस ने इस दिशा में ठोस कदम उठाने का निर्णय लिया है। पुलिस ने इस मामले में अब तक जितेंद्र प्रजापति और उसकी मां को गिरफ्तार किया है और रग्गा की गिरफ्तारी से पूरे गिरोह का पर्दाफाश होने की संभावना है। पुलिस अब अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयासरत है।

