280 किलोमीटर प्रति घंटे की परीक्षण गति
बेंगलुरु में देश की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन तैयार की जा रही है। रेलवे मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को बेंगलुरु स्थित बीईएमएल के आदित्य संयंत्र में बी-28 का निरीक्षण किया और इसके निर्माण का वीडियो साझा किया। 202 मीटर लंबी इस ट्रेन में 8 कोच होंगे और इसमें 557 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी। 280 किलोमीटर प्रति घंटे की परीक्षण गति के लिए ट्रेन पर 1,500 किलो-न्यूटन का दबाव परीक्षण किया जा रहा है, ताकि यह तेज गति से बनने वाले निर्वात को सह सके। वीडियो में कोचों के भीतर रेत की बोरियां रखकर ट्रेन की भार-वहन क्षमता का परीक्षण भी दिखाया गया है। रेलवे मंत्रालय के अनुसार, ट्रेन को भारतीय परिस्थितियों के लिए डिजाइन किया गया है और इसमें भारतीय शरीर-प्रकार के अनुरूप एर्गोनॉमिक सीटें, प्लेटफॉर्म-स्तरीय चढ़ना और सीलबंद गैंगवे होंगे। यह ट्रेन मुंबई–अहमदाबाद बुलेट कॉरिडोर पर चलेगी। ट्रेन को पूरा होने, परीक्षणों से गुजरने और पटरी पर सेवा में लगाए जाने में समय लगेगा। इसके परीक्षण अगस्त 2027 तक शुरू होने हैं। फिलहाल बीईएमएल में केवल ट्रेन का ढांचा बनाया जा रहा है। इसके बाद 1,500 किलो-न्यूटन का दबाव परीक्षण, कंपन, ब्रेकिंग और एचवीएसी परीक्षण किए जाएंगे। कारखाने में गति परीक्षण के बाद पटरी पर परीक्षण शुरू होगा। रिपोर्ट के अनुसार, ट्रैक परीक्षण जून 2027 में शुरू होंगे। इसका मतलब है कि अगस्त 2027 तक गुजरात में सूरत और बिलिमोरा के बीच तैयार हो रहे हाई-स्पीड ट्रैक पर 280 किलोमीटर प्रति घंटे की परीक्षण यात्रा देखी जा सकती है। यात्रियों के लिए सेवा कब शुरू होगी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। मुंबई–अहमदाबाद कॉरिडोर पर ट्रैक बिछाने, ओएचई, सिग्नलिंग और सबसे महत्वपूर्ण, रेलवे सुरक्षा आयुक्त का प्रमाणन अभी लंबित है।
