जनसुनवाई के दौरान 20 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया
जनसुनवाई में 223 आवेदनों की सुनवाई की गई
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने जनसुनवाई में 223 आवेदनों पर सुनवाई की। इस सुनवाई का आयोजन कलेक्टर कार्यालय के कक्ष क्रमांक 10 (व्यारमा) में किया गया, जहाँ जिले के दूरदराज क्षेत्रों से आए आवेदकों की समस्याएँ सुनी गईं। नगर की जटाशंकर कॉलोनी निवासी प्रीति खंगार ने अपने दिव्यांग बेटे ऋषि खंगार के इलाज के लिए आर्थिक सहायता का आवेदन प्रस्तुत किया। प्रीति ने बताया कि उनके बेटे की स्वास्थ्य स्थिति में सुधार के लिए मदद की आवश्यकता है। जनसुनवाई में कलेक्टर ने आवेदिका को 5 हजार का चेक प्रदान किया। कलेक्टर ने संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई करते हुए इस सहायता को मंजूरी दी, जिससे ऋषि के उपचार में मदद मिलेगी। इस दौरान सीईओ जिला पंचायत प्रवीण फुलपगारे, अपर कलेक्टर राकेश मोहन त्रिपाठी, डिप्टी कलेक्टर ब्रजेश सिंह, डिप्टी कलेक्टर संजय दुबे, डिप्टी कलेक्टर रचना प्रजापति, डिप्टी कलेक्टर रानी अहिरवार सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने जनसुनवाई के महत्व को समझते हुए आवेदनों के त्वरित निराकरण को सुनिश्चित करने का निर्णय लिया। जनसुनवाई में सामान्य आवेदनों पर सुनवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों से कहा कि वे आवेदनों को प्राथमिकता देते हुए जल्द से जल्द निपटारा करें। सामूहिक आवेदनों की भी सुनवाई की गई, जहाँ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा हुई। आवेदकों ने अपने-अपने मुद्दों को उठाया और अधिकारियों से समाधान की उम्मीद जताई। कलेक्टर ने कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य लोगों की समस्याओं को सुनना और उन्हें समाधान प्रदान करना है। उन्होंने आवेदकों से कहा कि वे आगे भी अपनी समस्याएँ साझा करें। इस जनसुनवाई के माध्यम से अधिकारियों ने सीधे जनता से संवाद स्थापित किया। इससे लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए उचित मंच मिला। कलेक्टर ने यह भी कहा कि भविष्य में इस तरह की जनसुनवाई नियमित रूप से आयोजित की जाएगी ताकि नागरिकों की समस्याओं का समाधान किया जा सके। जनसुनवाई में 20 आधार अपडेशन एवं 140 लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान कई लोगों की स्वास्थ्य समस्याओं की पहचान की गई। इस सहायता से न केवल ऋषि खंगार का उपचार होगा, बल्कि इससे उसकी माँ प्रीति को भी मानसिक संजीवनी मिलेगी। प्रीति ने कलेक्टर का धन्यवाद करते हुए कहा कि यह सहायता उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

