जिलाधिकारी बालागुरू के. ने निर्माण विभागों की बैठक में अधिकारियों को गुणवत्ता से समझौता न करने और निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूरा करने का निर्देश दिया
जिलाधिकारी बालागुरू के. ने जिले के सभी निर्माण विभागों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई। इस बैठक में उन्होंने चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा की और अधिकारियों को गुणवत्ता व समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि किसी भी निर्माण कार्य के दौरान अन्य विभागों की संपत्ति को किसी भी प्रकार की क्षति नहीं पहुंचनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि किसी भी कारणवश संपत्ति को नुकसान होता है, तो उसकी तत्काल मरम्मत सुनिश्चित की जाए ताकि आम नागरिकों को किसी भी तरह की असुविधा का सामना न करना पड़े। यह निर्देश जिले में चल रहे विभिन्न विकास परियोजनाओं की सुचारू प्रगति और नागरिकों के हितों की रक्षा के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। बैठक की शुरुआत में, जिलाधिकारी ने विभागवार संचालित हो रहे निर्माण कार्यों की वर्तमान स्थिति का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने प्रत्येक विभाग से उनके द्वारा किए जा रहे कार्यों की प्रगति रिपोर्ट मांगी और उसमें आ रही किसी भी बाधा पर चर्चा की। बालागुरू के. ने अधिकारियों को आगाह किया कि वे निर्माण कार्यों की नियमित निगरानी करें और गुणवत्ता के मामले में किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि कार्य के दौरान कोई संपत्ति क्षतिग्रस्त होती है, तो उसकी मरम्मत अविलंब होनी चाहिए, जिससे आम जनता को परेशानी न हो। यह स्पष्ट निर्देश जिले में निर्माण की गुणवत्ता को बनाए रखने और सार्वजनिक असुविधा को कम करने के उद्देश्य से दिए गए हैं। जिलाधिकारी बालागुरू के. ने बैठक में कहा कि जो भी निर्माण कार्य अब पूरे हो चुके हैं, उन्हें संबंधित विभागों को जल्द से जल्द सौंप दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि हैंडओवर से पहले, संबंधित विभाग यह पुष्टि कर लें कि निर्माण से जुड़े सभी आवश्यक कार्य पूरी तरह से संपन्न हो चुके हैं और भवन या संरचना उपयोग के लिए पूरी तरह से तैयार है। यह कदम निर्माण के बाद के चरणों को सुव्यवस्थित करने और परियोजनाओं को समय पर पूर्णता की ओर ले जाने के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी निर्माण कार्य उच्च गुणवत्ता के साथ किए जाएं और उन्हें निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। जिलाधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि गुणवत्ता और समय-सीमा की लगातार निगरानी की जानी चाहिए ताकि परियोजनाओं में किसी भी तरह की देरी या गुणवत्ता में कमी न हो। यह सुनिश्चित करेगा कि जनता को समय पर और अच्छी गुणवत्ता वाली सुविधाएं मिलें। जिलाधिकारी बालागुरू के. ने निर्माण कार्यों के दौरान इंजीनियरों और संबंधित विभागीय अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान पाई गई किसी भी कमी या समस्या का तत्काल समाधान किया जाना चाहिए। यह सुनिश्चित करेगा कि निर्माण कार्य सही दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और किसी भी संभावित समस्या को शुरुआत में ही रोका जा सके। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि निर्माण के दौरान पर्यावरण संरक्षण के नियमों का भी पालन किया जाए। किसी भी प्रकार के प्रदूषण या पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह निर्देश जिले के सतत विकास और पर्यावरण की सुरक्षा के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। सभी वित्तीय लेनदेन और खरीद प्रक्रियाएं नियमों के अनुसार होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने विभागों में भ्रष्टाचार को रोकने के लिए कड़े कदम उठाएं और किसी भी अनियमितता की सूचना तुरंत उच्च अधिकारियों को दें। बैठक में यह भी तय किया गया कि निर्माण कार्यों की प्रगति और गुणवत्ता की नियमित रिपोर्ट जिलाधिकारी कार्यालय को भेजी जाएगी। यह रिपोर्ट हर पखवाड़े प्रस्तुत की जाएगी ताकि प्रगति की निरंतर निगरानी की जा सके। यह कदम परियोजनाओं को समय पर और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने में मदद करेगा।

