जबलपुर में मामूली बात पर उपजे विवाद में पिता को बचाने आए बेटी-बेटों पर चाकू से जानलेवा हमला हुआ
मध्य प्रदेश के जबलपुर शहर के गोरखपुर थाना क्षेत्र के इंदिरा नगर गुप्तेश्वर इलाके में सोमवार की रात मामूली सी बात पर विवाद इतना बढ़ गया कि कुछ बदमाशों ने एक पूरे परिवार पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस खूनी वारदात में परिवार के मुखिया, उनकी बेटी और दोनों बेटे बुरी तरह से घायल हो गए हैं। घटना के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है और सभी घायलों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब कुछ दबंग किस्म के युवक सड़क पर खड़े होकर ऊंची आवाज में एक-दूसरे को गालियां दे रहे थे। काफी देर तक उनका यह बड़बोलापन और गाली-गलौज बंद नहीं होने पर पास ही रहने वाले बनारसी लाल गुप्ता उन्हें समझाने पहुंचे। उन्होंने युवकों से प्यार से वहां से जाने के लिए कहा, लेकिन युवकों को उनकी यह बात इतनी नागवार गुजरी कि वे उन पर भड़क उठे। बुजुर्ग पिता को अकेला देखकर युवकों ने मारपीट शुरू कर दी। पिता के साथ हो रही मारपीट को देखकर उनकी बेटी काजल और दोनों बेटे मोहित व मनीष तुरंत मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि उन तीनों हमलावरों ने बीच-बचाव करने आए भाई-बहन पर भी बेरहमी से चाकुओं से वार करना शुरू कर दिया, जिससे वहां चीख-पुकार मच गई। इस खूनी हमले में बदमाशों ने किसी को नहीं छोड़ा और परिवार के चारों सदस्यों को लहूलुहान कर दिया। युवती काजल के सीने पर तेजधार चाकू से जोरदार वार किया गया, जिससे वह वहीं गिर पड़ी। पिता बनारसी लाल के पेट में, मोहित के पैर में और मनीष के हाथ में भी चाकुओं के गहरे घाव आए हैं। घटना को अंजाम देने के बाद तीनों हमलावर मौके का फायदा उठाकर तुरंत अंधेरे में फरार हो गए। वारदात के तुरंत बाद आसपास के लोग मदद के लिए दौड़े और सभी घायलों को खून से लथपथ हालत में देर रात मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे। डॉक्टरों का कहना है कि काजल के सीने में अंदर तक चोट लगने की वजह से उसकी हालत अभी भी बेहद नाजुक बनी हुई है। इस भयानक वारदात के बाद हरकत में आई पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सख्त धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। गोरखपुर थाना पुलिस ने कृष राय, मनीष राय और अक्षय रजक के खिलाफ जानलेवा हमले का केस बना लिया है। एएसपी पल्लवी शुक्ला ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं और जल्द ही सभी सलाखों के पीछे होंगे।

