उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान, भोपाल में कृषि विभाग द्वारा 'सतत मशरूम उत्पादन, मूल्य संवर्धन एवं कृषि व्यवसाय विकास' विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया। इस वेबिनार का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों, किसानों, शोधार्थियों और युवाओं को मशरूम उत्पादन की आधुनिक तकनीकों, मूल्य संवर्धन, कृषि उद्यमिता, स्वरोजगार और ग्रामीण आर्थिक विकास के प्रति जागरूक और प्रेरित करना था। इस दौरान, जल एवं भूमि प्रबंधन संस्थान (वाल्मी) तथा उच्च शिक्षा उत्कृष्टता संस्थान, भोपाल के बीच शैक्षणिक और संस्थागत सहयोग को बढ़ावा देने के लिए एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए, जिसका लक्ष्य कृषि विद्यार्थियों के प्रशिक्षण, कौशल विकास, अनुसंधान और व्यावहारिक ज्ञान को प्रोत्साहित करना है। वेबिनार में देश भर से लगभग 300 प्रतिभागियों ने ऑनलाइन हिस्सा लिया, जिनमें विद्यार्थी, वैज्ञानिक, शोधार्थी, प्राध्यापक, किसान और कृषि उद्यमी शामिल थे। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर भारतीय प्रशासनिक सेवा की अधिकारी और वाल्मी की निदेशक सरिता बाला ओम प्रजापति उपस्थित रहीं। वेबिनार के प्रथम तकनीकी सत्र में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के सेवानिवृत्त प्राध्यापक डॉ. एमपी ठाकुर ने मशरूम उत्पादन, मूल्य संवर्धन और कृषि व्यवसाय विकास पर समग्र दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। द्वितीय तकनीकी सत्र में विक्रम विश्वविद्यालय, उज्जैन के पूर्व कुलपति डॉ. अखिलेश कुमार पांडेय ने मशरूम को जैव पदार्थों का एक प्राकृतिक स्रोत बताते हुए इसकी संभावनाओं और चुनौतियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने मशरूम के पोषण संबंधी महत्व और जैविक संसाधन के रूप में इसकी उपयोगिता पर अपने विचार व्यक्त किए।
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मशरूम उत्पादन पर वेबिनार, एमओयू पर हस्ताक्षर
3 नवंबर 2026 को 9:57 pm बजे
मशरूम उत्पादन पर वेबिनार, एमओयू पर हस्ताक्षर
