भोपाल (मध्य प्रदेश): खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने नवरात्रि और दशहरा त्योहारों के दौरान 1 अक्टूबर से 1 नवंबर तक चलाए गए मिलावटखोरी विरोधी अभियान में 150 अभियोग मामले दर्ज किए और 21 लाइसेंस निलंबित कर दिए। इस दौरान छापेमारी और निरीक्षण में 1.32 करोड़ रुपये से अधिक की जब्तियां भी की गईं। कुल 2,243 नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए, जिनमें 875 दुग्ध उत्पाद, 394 नमकीन स्नैक, बेसन और खाद्य तेल के नमूने शामिल थे। 975 अन्य खाद्य पदार्थ भी जांच के दायरे में आए। छिंदवाड़ा में दो रेस्तरां सील कर दिए गए, जबकि दो लाइसेंस निलंबित किए गए। भिण्ड में छह डेयरी पर 29 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया। मुरैना में सॉर्बिटोल की 3,000 किलोग्राम खेप जब्त की गई। पारस घी में सीसा मिलने पर शिवपुरी में इसकी बिक्री पर रोक लगा दी गई। नरसिंहपुर में छह घी ब्रांडों पर प्रतिबंध लगाया गया। भोपाल में लगभग 700 किलोग्राम पनीर जब्त किया गया, जबकि सतना में दो मिठाई की दुकानें सील कर दी गईं। एफडीए ने दिवाली से पहले लोगों के लिए एक सलाह जारी की है। सलाह के अनुसार, उपभोक्ताओं को छेड़छाड़ की गई, गायब या हेरफेर की गई समाप्ति तिथियों वाले पैकेट बंद सामान न खरीदने की चेतावनी दी गई है।
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मध्य प्रदेश में मिलावटखोरी पर नकेल: एफडीए ने दर्ज किए 150 केस, 21 लाइसेंस निलंबित
3 नवंबर 2026 को 9:57 pm बजे
