बुधवार को होगी मामले की सुनवाई
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता मृगेंद्र सिंह के दो व्हाट्सऐप अकाउंट कथित तौर पर बिना पूर्व सूचना और स्पष्ट कारण बताए प्रतिबंधित कर दिए गए। इस मामले को लेकर वे अब हाईकोर्ट पहुंचे हैं। याचिका में आरोप लगाया गया है कि पहले उनका मुख्य व्हाट्सऐप अकाउंट बंद कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने एक नया सिम लेकर दूसरा व्हाट्सऐप अकाउंट बनाया, लेकिन आरोप है कि 4 अक्टूबर को उसे भी बंद कर दिया गया। पहला अकाउंट बंद होने से वकालत से जुड़े संवाद और आवश्यक संपर्क प्रभावित होने का दावा किया गया है। मुकदमों से संबंधित सूचनाएं, दस्तावेज और मुवक्किलों से संपर्क सहित कई जरूरी कार्य इसी माध्यम से होते हैं। लगातार दोनों अकाउंट प्रतिबंधित होने के बाद याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट का रुख किया। याचिका में कहा गया है कि व्हाट्सऐप ने बिना पूर्व सूचना, कारण बताए या पक्ष रखने का अवसर दिए अकाउंट बंद कर दिया। सूचना प्रौद्योगिकी नियमों और प्राकृतिक न्याय का हवाला देते हुए याचिका में कहा गया है कि बिना कारण बताए और सुनवाई का अवसर दिए अकाउंट प्रतिबंधित करना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन है। इसमें 48 घंटे के भीतर अकाउंट बहाल करने तथा प्रतिबंध लगाए जाने से संबंधित तकनीकी जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने की मांग की गई थी।
वरिष्ठ अधिवक्ता मृगेंद्र सिंह के व्हाट्सऐप अकाउंट पर लगे प्रतिबंध के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर, पेशेवर कामकाज प्रभावित होने का दावा
मामले पर बुधवार को सुनवाई होगी। अंतिम निर्णय तक दोनों अकाउंट चालू रखने के लिए अंतरिम राहत भी मांगी गई है। याचिका में व्हाट्सऐप को निर्देश देने की मांग की गई है कि वह बिना पूर्व सूचना और स्पष्ट कारण बताए अकाउंट प्रतिबंधित न करे। साथ ही केंद्र के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय को सूचना प्रौद्योगिकी नियमों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है। याचिकाकर्ता ने मांग की है कि व्हाट्सऐप अपनी शिकायत निवारण प्रणाली को भी सुधारे ताकि ऐसे मामले दोबारा न हों।

