हाल ही में हुए जुर्माने की संख्या बढ़ रही है
बेंगलुरु में हाल ही में एक दिलचस्प घटना सामने आई है, जिसमें एआई कैमरे ने गलत तरीके से कार मालिकों पर जुर्माना लगाया। दरअसल, कई ड्राइवरों को ऐसे मामलों का सामना करना पड़ा है, जहां एआई कैमरे ने उन्हें गलती से उल्लंघन के लिए जिम्मेदार ठहराया। यह समस्या तेजी से बढ़ रही है और अब पुलिस प्रोसिक्यूटर्स भी इन मामलों में अधिक सतर्कता बरत रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया की यवोन बेलगार्ड्ट को कार चलाते समय एक अजीब अनुभव का सामना करना पड़ा। एआई कैमरे ने उन्हें हेलमेट नहीं पहनने के आरोप में 500 रुपए का जुर्माना थमाया। इस घटना ने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया कि क्या एआई तकनीक वास्तव में इंसानी विवेक को समझ सकती है। बेलगार्ड्ट ने इसके विरोध में एक वीडियो बनाया, जिसमें वह हेलमेट पहनकर कार चला रही थीं। उनके साथ उनकी सास भी थीं, जिन्होंने सीट बेल्ट लगा रखी थी। लेकिन एआई कैमरे ने उनके गाड़ी चलाने के समय एक ऐसी तस्वीर खींची, जिसमें सीट बेल्ट का ऊपरी हिस्सा कवर हो गया था। इस घटना के बाद कई अन्य मामले भी सामने आए, जहां एआई कैमरे ने गलत तरीके से ड्राइवरों पर जुर्माना लगाया। एक अन्य निवासी लिसा टेलर ने अपनी 10 साल की बेटी के साथ कार में सफर करते समय एआई कैमरे द्वारा पकड़ी गई तस्वीर की शिकायत की। कैमरे ने उनकी बेटी की तस्वीर खींची, जिसने सीट बेल्ट अपने बांह के नीचे डाल रखी थी। टेलर ने बताया कि रुक-रुककर चल रहे ट्रैफिक में वह सड़क से नजरें नहीं हटा पा रही थीं, ताकि यह देख सकें कि उनकी बच्ची ने सीट बेल्ट कैसे लगा रखी है। ऐसे समय में कैमरा केवल तस्वीर खींचने का कार्य कर रहा था, जबकि वास्तविकता को समझने में असफल रहा। सड़क पर खड़ा पुलिसकर्मी टेलर को रोकता है और उनके खिलाफ चालान जारी करता है। इस संदर्भ में यह समझना जरूरी है कि एआई कैमरे ने गलत तरीके से उनकी बच्ची के सीट बेल्ट को खिसकाने का कारण समझा। यह साबित करने के लिए कि ड्राइवर ने जानबूझकर कोई उल्लंघन नहीं किया, टेलर को कई मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इस घटना ने सभी को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या एआई तकनीक को इंसानी विवेक की आवश्यकता है। क्या यह संभव है कि एआई केवल तस्वीरें लेता है, लेकिन संदर्भ को समझने में असमर्थ रहता है?



