शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दमोह में आयोजित कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं को पॉक्सो अधिनियम की जानकारी दी गई, जिसमें कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे
नुक्कड़ नाटक में भाग लेने वाली छात्राओं को प्रमाण पत्र और पुरस्कार प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा प्रदान किए गए
प्रधान जिला न्यायाधीश सुभाष सोलंकी ने कहा कि हर बच्चे का बचपन सुरक्षित और खुशहाल होना उसका अधिकार है। उन्होंने यह बात शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दमोह में 'सुरक्षित बचपन अभियान' के तहत आयोजित एक कार्यक्रम में कही। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देशानुसार, 06 नबम्बर तक चलने वाले सुरक्षित बचपन अभियान के अंतर्गत शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दमोह में पॉक्सो अधिनियम के संबंध में नुक्कड नाटक का मंचन किया गया। इसी क्रम में, विद्यालय में एक नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया, जिसने बच्चों को उनके अधिकारों और शोषण से बचाव के तरीकों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। यह कार्यक्रम बाल यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए आयोजित किया गया था। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से, बच्चों को यह समझाया गया कि उनके साथ होने वाले किसी भी प्रकार के गलत व्यवहार या शोषण को छिपाना नहीं चाहिए। नाटक में भाग लेने वाली छात्राओं ने प्रभावी ढंग से यह संदेश दिया कि वे न केवल अपने साथ होने वाले अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाएंगी, बल्कि अपने दोस्तों के साथ होने वाले दुर्व्यवहार को भी अपने परिजनों या शिक्षकों के संज्ञान में लाएंगी। यह पहल बच्चों को सशक्त बनाने और उन्हें सुरक्षित वातावरण प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम में प्रधान जिला न्यायाधीश और अभियान के अध्यक्ष सुभाष सोलंकी पंकज कुमार वर्मा की गरिमामयी उपस्थिति रही। उनके साथ जिला न्यायाधीश और सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला विधिक सहायता अधिकारी रजनीश चौरसिया, विद्यालय के प्राचार्य आरपी पटेल, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में विद्यालयीन छात्र-छात्राएं भी मौजूद थे। न्यायाधीश सोलंकी ने अपने संबोधन में बच्चों को प्रेरित किया कि वे डर या अज्ञानता के कारण शोषण का शिकार न हों। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि अक्सर शोषण में किसी परिचित व्यक्ति की संलिप्तता होती है, इसलिए बच्चों को सतर्क रहना चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत देनी चाहिए। न्यायाधीश सोलंकी ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा, "हर बच्चे का बचपन सुरक्षित और खुशहाल होना उसका अधिकार है। कोई भी बच्चा डर या अज्ञानता के कारण शोषण का शिकार न हो, इसकी जानकारी हर बच्चे को होना आवश्यक है। " उन्होंने आगे कहा, "बच्चों के साथ होने वाले शोषण में किसी परिचित की संलिप्तता होती है, इस बात को बच्चों को अच्छे से समझना चाहिए। " यह स्पष्टीकरण बच्चों को संभावित खतरों को पहचानने और उनसे बचने के लिए आवश्यक ज्ञान प्रदान करता है। उन्होंने बच्चों को प्रोत्साहित किया कि वे अपने साथ होने वाले किसी भी प्रकार के शोषण की जानकारी देकर संबंधित के विरूद्ध कानूनी कार्यवाही करने में संकोच न करें। यह संदेश बच्चों में आत्मविश्वास जगाता है और उन्हें यह अहसास कराता है कि वे अकेले नहीं हैं और न्याय पाने का अधिकार रखते हैं। इस तरह की जागरूकता पहलें समाज में बच्चों के प्रति होने वाले अपराधों को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। नुक्कड़ नाटक में विद्यालय की छात्रा यशी सेन, राधिका लोधी, सुरभि लोधी, प्रिंसी लोधी, रश्मि लोधी, शिवानी लोधी, संजना रैकवार, प्रियंका लोधी, कल्पना पाल, अंकिता अहिरवाल, वैष्णवी ठाकुर और भावना कुर्मी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इन छात्राओं ने अपने अभिनय के माध्यम से बच्चों को यह समझाया कि वे अपने साथ होने वाले गलत व्यवहार को कभी न छुपाएं। उन्होंने यह भी संदेश दिया कि वे अपने मित्रों के साथ होने वाले गलत व्यवहार को भी अपने परिजनों या शिक्षकों के संज्ञान में लाएं। छात्राओं ने नाटक के माध्यम से लैंगिक अपराधों और किसी भी प्रकार के शोषण के विरुद्ध आवाज उठाने का संकल्प लिया। यह प्रस्तुति न केवल मनोरंजक थी, बल्कि इसने बच्चों के मन में सुरक्षा और आत्म-सम्मान की भावना को भी मजबूत किया। इस तरह के रचनात्मक तरीके से दी गई जानकारी बच्चों के लिए अधिक प्रभावी और यादगार साबित होती है। कार्यक्रम के अंत में, नुक्कड़ नाटक में भाग लेने वाली छात्राओं को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रमाण पत्र और पुरस्कार प्रदान किए गए। यह पुरस्कार प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा प्रदान किए गए, जो इन युवा कलाकारों के प्रयासों को सम्मानित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम बना। यह सम्मान उन्हें भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए प्रेरित करेगा। कार्यक्रम का समापन विद्यालय के प्राचार्य आरपी पटेल द्वारा आभार प्रदर्शन के साथ हुआ। उन्होंने सभी उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों, शिक्षकों और विशेष रूप से छात्र-छात्राओं का धन्यवाद किया, जिन्होंने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना योगदान दिया।
