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पश्चिम मध्य रेल द्वारा भोपाल में रेलवे पेंशनरों और पारिवारिक पेंशनरों के लिए विशेष शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। ये शिविर 4 नवंबर को निशातपुरा रेलवे अस्पताल और 5 नवंबर को हबीबगंज रेलवे अस्पताल में आयोजित होंगे। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य पेंशनभोगियों को मुफ्त स्वास्थ्य जांच की सुविधा प्रदान करना और डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (डीएलसी) बनवाने में सहायता करना है। 80 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों को विशेष रूप से सहायता दी जाएगी। इन पहलों से पेंशनर्स को स्वास्थ्य जांच और डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अलग-अलग जगहों पर भटकने की परेशानी से मुक्ति मिलेगी। पश्चिम मध्य रेल नवंबर माह में विशेष शिविरों की एक श्रृंखला आयोजित कर रहा है, जिसका लक्ष्य पेंशनरों और उनके आश्रितों को आवश्यक सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराना है। इन शिविरों में, पेंशनभोगियों को न केवल मुफ्त स्वास्थ्य जांच का लाभ मिलेगा, बल्कि उन्हें डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनाने और उसे ऑनलाइन जमा करने की पूरी प्रक्रिया को समझने का अवसर भी मिलेगा। यह पहल देश भर में 5 नवंबर से शुरू हो रहे डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र अभियान का हिस्सा है, जिसके तहत 2,000 से अधिक शहरों और कस्बों में ऐसे अभियान चलाए जाएंगे। इन शिविरों के माध्यम से पेंशनभोगियों तक डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र की सेवाएं सुलभ कराई जाएंगी। सवारी डिब्बा पुनर्निर्माण कारखाना, निशातपुरा में 1 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। यह महत्वपूर्ण पहल मुख्य कारखाना प्रबंधक प्रफुल्ल वी. कोहाड़े के कुशल मार्गदर्शन में संचालित हो रही है। इन शिविरों की देखरेख मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अजय डोंगरा और सहायक कार्मिक अधिकारी संदीप शर्मा कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, भोपाल मंडल के पांच प्रमुख रेलवे चिकित्सा केंद्रों पर भी विभिन्न तिथियों में शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन सभी शिविरों में, पेंशनभोगियों को डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र को ऑनलाइन जमा करने की प्रक्रिया का विस्तृत प्रदर्शन और प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। साथ ही, वे मुफ्त स्वास्थ्य जांच का लाभ भी उठा सकेंगे।
इस पहल का प्राथमिक उद्देश्य उन्हें स्वास्थ्य जांच और डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र बनवाने में आने वाली कठिनाइयों को दूर करना है। इन शिविरों का एक और महत्वपूर्ण पहलू पेंशनभोगियों को साइबर ठगी से बचाव के बारे में शिक्षित करना है। उन्हें अनजान फोन कॉल, संदिग्ध लिंक और फर्जी संदेशों से सावधान रहने की सलाह दी जाएगी। साथ ही, किसी भी परिस्थिति में अपना ओटीपी या बैंक की गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करने के महत्व पर जोर दिया जाएगा। रेलवे की यह व्यापक पहल पेंशनभोगियों को एक ही स्थान पर स्वास्थ्य जांच, डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र की सुविधा और साइबर सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करती है। यह पहल रेलवे पेंशनरों के जीवन को सरल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्हें अब स्वास्थ्य संबंधी आवश्यकताओं और पेंशन संबंधी औपचारिकताओं के लिए अलग-अलग सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। एक ही स्थान पर सभी आवश्यक सेवाएं उपलब्ध होने से उनके समय और ऊर्जा दोनों की बचत होगी, जिससे उनका जीवन अधिक आरामदायक और तनाव-मुक्त होगा। डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र (डीएलसी) पेंशनभोगियों के लिए एक महत्वपूर्ण दस्तावेज है, जो उनकी पेंशन जारी रखने के लिए आवश्यक है। इसे समय पर जमा न करने पर पेंशन रुक सकती है।
वेस्ट सेंट्रल रेलवे मजदूर संघ कार्यालय, भोपाल रेलवे कोच फैक्ट्री में भी 1 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा। ये शिविर कार्यदिवसों में सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक चलेंगे। इन शिविरों में कर्मचारी कल्याण निरीक्षक पेंशनर्स को सहायता प्रदान करेंगे।
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