उज्जैन में पुलिस ने सिंहस्थ-2028 की सुरक्षा को लेकर एक नई पहल की है। उज्जैन पुलिस एआई बेस्ड एप्लिकेशन का इस्तेमाल कर संदिग्ध व्यक्तियों को पहचानने की योजना बना रही है। इस एप का उपयोग रोज की गश्त में किया जा रहा है और इसके ट्रायल भी शुरू हो गए हैं। प्रदीप शर्मा, एसपी, उज्जैन ने बताया कि इस एप के माध्यम से लाखों की भीड़ में संदिग्ध व्यक्तियों को ढूंढा जा सकेगा। इस प्रणाली में ऐसे फीचर्स हैं जो संदिग्धों के हुलिए से मिलते-जुलते लोगों के फुटेज को सामने लाएंगे। इस एप्लिकेशन की एक खासियत यह है कि ऑपरेटर गलत चेहरों को रिजेक्ट करते जाएंगे, जिससे सिस्टम की सटीकता में सुधार होगा। इससे देश में पहली बार पुलिसकर्मी भीड़ में तैनात रहते हुए संदिग्ध व्यक्तियों की मॉनिटरिंग कर सकेंगे। उज्जैन में इस एआई प्रोजेक्ट के तहत 140 करोड़ के प्रोजेक्ट में 4000 कैमरे लगाए जाएंगे। यह कैमरे भीड़ में किसी भी संदिग्ध, गुमशुदा या अपराधी को मिनटों में ढूंढ निकालेंगे। प्रदीप शर्मा ने बताया कि रोज की गश्त में इस एप्लिकेशन का ट्रायल किया जा रहा है और तकनीकी काम पूरा हो चुका है। इस तकनीक के जरिए पुलिस का रिस्पॉन्स टाइम कुछ सेकंड का हो जाएगा। इस एप्लिकेशन का मुख्य कमांड सेंटर भी बनाया जा रहा है, जो 10 हजार वर्गफीट का होगा। यह सेंटर पुलिसकर्मियों को बेहतर तरीके से प्रबंधन करने में मदद करेगा। एआई बेस्ड एप्लिकेशन के साथ ही, पुलिस की हाईटेक तैयारी भी मजबूत हो रही है। जैसे-जैसे इस एप का इस्तेमाल होगा, इसकी सर्चिंग क्षमता और ज्यादा सटीक होती जाएगी। इस प्रणाली में रिजेक्ट का फीचर जोड़ा गया है, जिससे ऑपरेटर गलत चेहरों को हटा सकेंगे। इस प्रक्रिया से सिस्टम खुद को करेक्ट करता रहेगा और पुलिस की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी। जमीनी स्तर पर इस तकनीक का फील्ड टेस्ट किया जाएगा, जिससे जो भी तकनीकी दिक्कतें या कमियां सामने आएंगी, उन्हें समय रहते दुरुस्त किया जा सकेगा। सिंहस्थ-2028 की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर यह एआई बेस्ड एप्लिकेशन मील का पत्थर साबित होगा। इस प्रणाली के माध्यम से पुलिस की तैयारियों में एक नई क्रांति आएगी। उज्जैन पुलिस ने इस एप्लिकेशन के माध्यम से यह सुनिश्चित किया है कि वे हर संदिग्ध को सही समय पर पहचान सकें। इससे पुलिस का काम आसान होगा और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई में तेजी आएगी। इस तकनीक का इस्तेमाल सिंहस्थ मेला के दौरान भी किया जाएगा, जिससे पुलिस को बेहतर तरीके से काम करने में मदद मिलेगी। इससे मेले में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। सिंहस्थ-2028 के दौरान इस एप्लिकेशन का व्यापक इस्तेमाल होगा, जिससे पुलिस की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और भी अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा। उज्जैन पुलिस ने इस पहल के जरिए यह साबित किया है कि वे तकनीक के माध्यम से अपराधियों पर नकेल कसने के लिए तत्पर हैं।
समाचार
उज्जैन पुलिस की नई एआई पहल से संदिग्धों की पहचान होगी आसान
28 सितंबर 2026 को 11:04 pm बजे

उज्जैन पुलिस की नई एआई पहल से संदिग्धों की पहचान होगी आसान
