राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने मध्य प्रदेश में तालाबों और वेटलैंड के नियमों के पालन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। प्रदेश में वेटलैंड्स को अब तक अधिसूचित नहीं किए जाने पर एनजीटी ने मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिवों को नियमों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। संबंधित राज्यों की वेटलैंड अथॉरिटी को तीन महीने में अधिसूचना की प्रक्रिया पूरी कर रिपोर्ट पेश करनी होगी। पर्यावरणविद् डॉ. सुभाष सी. पांडे की याचिका पर सुनवाई के दौरान कलियासोत और केरवा जलाशयों के सर्वे की रिपोर्ट सामने आई। इसमें जलभराव स्तर (एफटीएल) और 50 मीटर व 33 मीटर के दायरे में सीमांकन शामिल है, जिसमें कई अवैध निर्माण पाए गए। एनजीटी ने सर्वे एजेंसी को डिजिटल और हार्ड कॉपी रिकॉर्ड सौंपने के निर्देश दिए हैं।
समाचार
वेटलैंड नियमों पर एनजीटी सख्त, रिपोर्ट मांगी
1 नवंबर 2026 को 10:51 pm बजे
