प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी राजेश विश्वकर्मा ने बताया कि प्राप्त सूचनाओं और शिकायतों के आधार पर वृत्त आष्टा, सीहोर, बुदनी एवं भैरूंदा क्षेत्र में कार्रवाई की गई
जिले में अवैध मदिरा के निर्माण, संग्रहण, परिवहन और बिक्री के विरुद्ध आबकारी विभाग की कार्रवाई जारी है
जिले में अवैध मदिरा के निर्माण, संग्रहण, परिवहन और बिक्री के विरुद्ध आबकारी विभाग द्वारा लगातार विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है। विभाग की अलग-अलग टीमों ने जिले के विभिन्न गांवों में दबिश देकर कुल 7 प्रकरण दर्ज किए और भारी मात्रा में अवैध शराब एवं महुआ लाहन जब्त किया। प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी राजेश विश्वकर्मा ने बताया कि प्राप्त सूचनाओं और शिकायतों के आधार पर वृत्त आष्टा, सीहोर, बुदनी और भैरूंदा क्षेत्र में कार्रवाई की गई। यह अभियान अवैध शराब के कारोबार पर नकेल कसने और आमजन को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है। पिछले कुछ समय से जिले में अवैध शराब की बिक्री और निर्माण की शिकायतों में वृद्धि देखी गई थी, जिसके बाद विभाग ने इस पर गंभीरता से ध्यान केंद्रित किया है। ग्राम जावर में एक विशेष दबिश के दौरान, विभाग की टीम ने 15 पाव देशी मदिरा जब्त करने में सफलता हासिल की। इस मामले में एक आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी से पूछताछ में अवैध शराब के स्रोत और उसके नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है। यह कार्रवाई स्थानीय निवासियों द्वारा की गई शिकायतों पर आधारित थी, जिन्होंने गांव में अवैध शराब की बिक्री से होने वाली परेशानियों को उजागर किया था। विभाग ने कहा है कि ऐसे अभियानों को जारी रखा जाएगा ताकि अपराधियों को पकड़ा जा सके। इसी क्रम में, ग्राम शिकारपुर में भी आबकारी विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। यहां से 10 लीटर अवैध हाथ भट्टी मदिरा जब्त की गई। इस मामले में भी एक आरोपी के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई है। हाथ भट्टी मदिरा का निर्माण स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक होता है और इसके सेवन से गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसी अवैध मदिरा का सेवन न करें और यदि कहीं इसका निर्माण या बिक्री हो रही हो तो इसकी सूचना तत्काल विभाग को दें। ग्राम बागलीखेड़ा (पांगरी) में आबकारी विभाग की टीम ने एक किराना दुकान पर दबिश दी। इस दबिश के दौरान दुकान से 28 पाव देशी मदिरा, 2 पाव विदेशी मदिरा और 2 बोतल बीयर जब्त की गई। इस मामले में दुकान के संचालक को गिरफ्तार कर लिया गया है और उसके खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। यह कार्रवाई मुखबिर की सूचना पर की गई थी, जिसमें बताया गया था कि उक्त दुकान अवैध मदिरा की बिक्री का अड्डा बन गई है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसी दुकानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, ग्राम पुरी में भी आबकारी विभाग की टीम पहुंची। यहां से 6 लीटर हाथ भट्टी कच्ची मदिरा जब्त की गई और एक प्रकरण दर्ज किया गया। कच्ची मदिरा का निर्माण अक्सर असुरक्षित परिस्थितियों में किया जाता है और यह पर्यावरण के लिए भी हानिकारक हो सकती है। विभाग ने इस मामले में भी आगे की जांच शुरू कर दी है ताकि इसके निर्माण के पीछे के रैकेट का पता लगाया जा सके। इस तरह की कार्रवाई से अवैध शराब माफियाओं के हौसले पस्त हो रहे हैं। सिंहरपुर और सिंहरपुर पठार गांवों में विभाग को अवैध शराब निर्माण की गुप्त सूचनाएं मिली थीं। इसके आधार पर, विभाग की तीन अलग-अलग टीमों ने तीन अलग-अलग स्थानों पर एक साथ दबिश दी। इन दबिशों के दौरान, अवैध शराब निर्माण के लिए तैयार किया गया लगभग 1200 किलोग्राम महुआ लाहन और 30 लीटर हाथ भट्टी मदिरा जब्त की गई। यह लाहन और मदिरा निर्माण सामग्री अवैध शराब बनाने के लिए इस्तेमाल की जानी थी। इन स्थानों पर कार्रवाई के समय आरोपी फरार होने में सफल रहे। चूंकि मौके पर आरोपी फरार हो गए थे और उनका नाम-पता ज्ञात नहीं था, इसलिए विभाग ने अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया है। विभाग की टीम इन फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और जल्द ही उन्हें गिरफ्तार करने का दावा किया जा रहा है। बरामद किए गए महुआ लाहन को मौके पर ही विधिवत नष्ट कर दिया गया ताकि उसका दुरुपयोग न हो सके। इस प्रकार की कार्रवाई से अवैध शराब के उत्पादन पर अंकुश लगाने में मदद मिलती है। विभाग द्वारा जब्त की गई सभी मदिरा को कब्जे में ले लिया गया है और आगे की जांच के लिए सुरक्षित रख दिया गया है। इस पूरे अभियान के दौरान, विभाग ने कुल 7 प्रकरण दर्ज किए हैं। इन प्रकरणों में 43 पाव देशी मदिरा, 2 पाव विदेशी मदिरा, 2 बोतल बीयर, 46 लीटर अवैध हाथ भट्टी मदिरा और 1200 किलोग्राम महुआ लाहन जब्त किया गया है। यह जब्त की गई सामग्री अवैध शराब के कारोबार के बड़े पैमाने को दर्शाती है। जब्त की गई सामग्री का अनुमानित बाजार मूल्य 1 लाख 33 हजार 440 रुपये आंका गया है। यह भारी मात्रा में जब्त की गई शराब और लाहन जिले में अवैध मदिरा के व्यापक नेटवर्क की ओर इशारा करती है। इस वित्तीय मूल्य से पता चलता है कि अवैध शराब का धंधा कितना लाभदायक है और इसी कारण से अपराधी इस तरह के अपराधों में संलिप्त होते हैं। विभाग का लक्ष्य ऐसे धंधों को पूरी तरह से समाप्त करना है। इस महत्वपूर्ण कार्रवाई में सहायक जिला आबकारी अधिकारी संगीता नायक ने भी सक्रिय भूमिका निभाई।



