कमिश्नर के आदेश पर नशे में गाड़ी चलाने वाले 501 चालकों के लाइसेंस निलंबित हुए
कमिश्नर दिलीप कुमार ने नशे में वाहन चलाने वालों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह निर्देश कमिश्नर कार्यालय में परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए दिए। इस बैठक में संभाग के सभी जिलों के जिला परिवहन अधिकारियों से पिछले तीन महीनों में वाहनों की जांच और उन पर की गई कार्रवाई की विस्तृत जानकारी ली गई। समीक्षा के दौरान यह जानकारी सामने आई कि नशे में वाहन चलाने के मामलों में इस वर्ष अब तक संभाग में कुल 501 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए जा चुके हैं। इन निलंबित लाइसेंसों में सागर जिले में 265, छतरपुर जिले में 121, दमोह जिले में 87, पन्ना जिले में 21 और टीकमगढ़ जिले में 7 लाइसेंस शामिल हैं। कमिश्नर दिलीप कुमार ने इस आंकड़े पर चिंता जताते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि नशे में वाहन चलाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध पुलिस द्वारा की गई कार्रवाई के आधार पर उनके ड्राइविंग लाइसेंस तत्काल निलंबित करने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए और नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी वाहन चालक को बख्शा नहीं जाना चाहिए। कमिश्नर ने कहा कि ऐसे चालकों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई की जाए ताकि सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। सड़क सुरक्षा के साथ-साथ स्कूली बच्चों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। कमिश्नर ने इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्कूली बसों के साथ-साथ अन्य सभी प्रकार के वाहनों की भी नियमित रूप से गहन जांच की जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि स्कूली वाहन यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करें और बच्चों के लिए सुरक्षित हों। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाना चाहिए। बैठक में दमोह जिले में हाल ही में हुई एक गंभीर घटना का उल्लेख करते हुए कमिश्नर ने वाहनों की सघन जांच पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए निवारक उपाय आवश्यक हैं। इसके अतिरिक्त, उन्होंने 15 वर्ष से अधिक पुराने वाहनों के मालिकों को तत्काल नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इन पुराने वाहनों के मालिकों को सूचित किया जाए कि वे अपने वाहनों को बदलें या उनका परमिट निरस्त कराएं। कमिश्नर ने स्पष्ट किया कि 15 वर्ष से अधिक पुराने वाहनों के संबंध में नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। ऐसे वाहनों को सड़कों पर चलने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए जो पर्यावरण और सुरक्षा मानकों को पूरा नहीं करते। उन्होंने निर्देश दिया कि इन वाहनों के मालिकों को नोटिस तामील कराकर, यदि वे नियत समय में कार्रवाई नहीं करते हैं तो उनके परमिट निरस्त कर दिए जाएं और अन्य आवश्यक विधिक कार्रवाई की जाए। यह कदम सड़क सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। वाहन जांच के दौरान केवल कागजी कार्रवाई पर ध्यान केंद्रित न किया जाए, बल्कि सभी आवश्यक दस्तावेजों की विधिवत जांच सुनिश्चित की जाए। कमिश्नर ने इस बात पर जोर दिया कि वाहन जांच के दौरान फिटनेस प्रमाण-पत्र, परमिट, प्रदूषण प्रमाण-पत्र और अन्य सभी आवश्यक दस्तावेजों का बारीकी से निरीक्षण किया जाए। उन्होंने कहा कि नियमों का पालन नहीं करने वाले वाहन संचालकों के विरुद्ध किसी भी प्रकार की कोताही न बरती जाए और नियमानुसार तत्काल कार्रवाई की जाए। कमिश्नर ने बकाया कर की वसूली के लिए भी विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए।
