जबलपुर में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषन आयोग क्रमांक 2 ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के खिलाफ एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। आयोग की अध्यक्ष पंकज यादव तथा सदस्य अमित सिंह तिवारी और सोनल पंडित की संयुक्त पीठ ने माना कि ऋण राशि का भुगतान किए बिना उपभोक्ता के बचत खाते से किस्त वसूलना सेवा में कमी और अनुचित व्यापार प्रथा है। आयोग ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया को आदेश दिया है कि वह घनश्याम कुमार यादव और बबीता देवी नामक उपभोक्ताओं से वसूली गई कुल 1 लाख 57 हजार रुपये की राशि 7 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित वापस करे। इसके अतिरिक्त, बैंक को मानसिक प्रताड़ना के लिए 15,000 रुपये और परिवाद व्यय के रूप में 3,000 रुपये का हर्जाना भी देना होगा। परिवादी पक्ष के अधिवक्ता अरुण जैन ने बताया कि दिसंबर 2022 में मकान खरीदने हेतु 25 लाख रुपये का गृह ऋण स्वीकृत हुआ था। बैंक ने राशि ऋण खाते में डालने के बाद भी, संपत्ति के दस्तावेज प्रस्तुत न होने का हवाला देकर डिमांड ड्राफ्ट अपने पास रोक लिया।
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उपभोक्ता आयोग का सेंट्रल बैंक को निर्देश: बिना भुगतान के ईएमआई वसूलना गलत
1 नवंबर 2026 को 10:51 pm बजे

उपभोक्ता आयोग का सेंट्रल बैंक को निर्देश: बिना भुगतान के ईएमआई वसूलना गलत
