गुस्साई भीड़ ने बस को किया क्षतिग्रस्त, चालक को पकड़ा गया
इंदौर के राजवाड़ा क्षेत्र में रविवार को एक भयानक सड़क दुर्घटना हुई, जब एक तेज रफ्तार आईएमसी इलेक्ट्रिक सिटी बस (पीएम बस सेवा) ने राहगीरों और एक ऑटो-रिक्शा को टक्कर मार दी। इस घटना में दो लोगों की मौत हो गई जबकि दो अन्य घायल हो गए। यह दुर्घटना दोपहर के समय, लगभग 3:30 बजे हुई। दुर्घटना के समय बस की गति अत्यधिक थी। गवाहों और सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, बस ने राजवाड़ा के पास सिटी बस स्टैंड के नजदीक तेज गति से यात्रा की। बस का ड्राइवर धनराज गंगले ने ब्रेक के बजाय एक्सीलेरेटर दबा दिया, जिससे बस अनियंत्रित हो गई। सीसीटीवी फुटेज में दिखता है कि बस पहले एक खड़े ऑटो-रिक्शा से टकराई, जिससे ऑटो चालक गणेश उर्फ पिंटू तंगड़े गंभीर रूप से घायल हो गए। गणेश के साथ सड़क पर चल रहे दो अन्य लोग भी इस दुर्घटना में चोटिल हो गए। दुर्घटना के तुरंत बाद आस-पास के लोग बस के अंदर फंसे यात्रियों को बाहर निकालने के लिए दौड़ पड़े। उन्होंने बस को सुरक्षित रूप से खाली कराया। इस दौरान, ड्राइवर धनराज गंगले भागने का प्रयास कर रहा था, लेकिन पुलिस ने उसे पकड़ लिया। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने गुस्से में आकर बस पर पत्थर और ईंटें फेंकीं। इस हमले में बस की खिड़कियां और विंडस्क्रीन टूट गईं। गुस्साई भीड़ ने बस को क्षतिग्रस्त कर दिया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बस के पहियों के सामने भारी पत्थर रख दिए ताकि वाहन को रोका जा सके। इस कार्रवाई से एक दूसरी संभावित त्रासदी को टाल दिया गया। इस दुर्घटना में मृतकों की पहचान गणेश उर्फ पिंटू तंगड़े (36), जो अशोक नगर, छोटा बांगड़ में रहते थे, और जितेंद्र शर्मा (40), जो राव निवासी थे, के रूप में हुई। पुलिस अधिकारी विजय सिंह सिसोदिया ने इस घटना की पुष्टि की और बताया कि ड्राइवर की लापरवाही इस दुर्घटना का मुख्य कारण रही। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक जांच से यह स्पष्ट हुआ है कि ड्राइवर ने गलती से एक्सीलेरेटर दबा दिया। घायल व्यक्तियों को अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने गणेश को मृत घोषित कर दिया। सिसोदिया ने बताया कि वह स्वयं अस्पताल गए और घायल व्यक्तियों से मिले। इंदौर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा के अंतर्गत बसों का खराब रखरखाव इस दुर्घटना का कारण बना। पुलिस ने बताया कि ड्राइवर धनराज गंगले को हिरासत में लिया गया है और राधेश्याम भाटी (60) के द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया जा रहा है। दुर्घटना के समय एक सड़क विक्रेता और दो राहगीरों को भी चोटें आईं। यह एक गंभीर मामला है, और पुलिस ने इस पर सख्त कार्रवाई की बात कही है। घटना के बाद, एक और आईएमसी सिटी बस ने दुर्घटना के स्थान पर पहुंचकर स्थिति को और अधिक खतरनाक बना दिया, जब उसके चालक ने वाहन को चालू करने का प्रयास किया। घटनास्थल पर उपस्थित लोगों ने इस स्थिति को नियंत्रित किया और किसी भी नई दुर्घटना को टालने में मदद की। इंदौर पुलिस ने कहा कि इस मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस दुर्घटना ने इंदौर में परिवहन की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं और लोगों में चिंता का माहौल बना दिया है। राजवाड़ा क्षेत्र में इस तरह की घटनाएं लोगों की सुरक्षा को खतरे में डाल रही हैं। स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि सरकार बसों की सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करे। इस मामले में जनहित याचिका भी दायर की जा सकती है, जिसमें बसों के रखरखाव और सुरक्षा मानकों की जांच की मांग की जाएगी। दुर्घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने एक विशेष टीम गठित की है जो इस मामले की विस्तृत जांच करेगी। इंदौर में सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। इस भयानक दुर्घटना ने लोगों को एक बार फिर सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या हमारे शहर में परिवहन के साधनों की सुरक्षा मानक हैं या नहीं।

