आर्थिक तंगी और असफलताओं से लड़कर राजेंद्र बने असिस्टेंट लोको पायलट, दूसरों को भी दिलाई सफलता
मध्य प्रदेश के दमोह जिले के बटियागढ़ क्षेत्र के राजेंद्र विश्वकर्मा ने पश्चिम मध्य रेलवे में असिस्टेंट लोको पायलट के पद पर चयन पाकर अपना सपना साकार किया है। उन्होंने यह मुकाम कड़ी मेहनत और करीब 10 साल के लंबे संघर्ष के बाद हासिल किया है। इस दौरान आर्थिक तंगी और कई बार मिली असफलताएं भी उनके रास्ते में आईं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। राजेंद्र की सफलता के पीछे उनके परिवार का अथक संघर्ष भी शामिल है। उन्होंने 2015 से 2024 तक कई अभ्यर्थियों को प्रशिक्षित किया।
